पैसा, बंगला, गाड़ी... धर्मांतरण का डॉन छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर रेड, 100 करोड़ की फंडिंग और आतंकी कनेक्शन का काला सच आया सामने

ED Raid on Chhangur Baba Conversion Case: यूपी और मुंबई में धर्मांतरण और हवाला नेटवर्क चलाने वाले छांगुर बाबा पर ईडी की ताबड़तोड़ रेड में 100 करोड़ की विदेशी फंडिंग, 22 बैंक खाते, फर्जी पासपोर्ट और आतंकी लिंक से देशभर में हलचल मच गई है।

Update:2025-07-17 11:19 IST

ED Raid Chhangur Baba Conversion Case

ED Raid Chhangur Baba Conversion Case: उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का खौफनाक खेल खेल रहे छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार तड़के छापेमारी की। यह छापेमारी बलरामपुर से लेकर मुंबई तक चल रही। सूत्रों के मुताबिक, इस रेड का कनेक्शन करीब 100 रुपये करोड़ की संदिग्ध विदेशी फंडिंग से जुड़ा है। बलरामपुर में 12 और मुंबई में 2 ठिकानों को टारगेट किया गया है।

ATS से मिले सुराग, ED ने संभाली कमान

यूपी ATS को छांगुर बाबा गिरोह की हवाला फंडिंग, संदिग्ध बैंक लेनदेन और आतंकी लिंक की पुख्ता जानकारी मिली थी। ATS ने यह जानकारी दस्तावेजों सहित ईडी को सौंपी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। ईडी की जांच में सामने आया कि 30 बैंक खातों में से 18 में 68 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन दर्ज हुआ है। सिर्फ तीन महीने में 7 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली, जिसका सीधा कनेक्शन हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से है।

फॉर्च्यूनर, बंगला, शो-रूम: विदेशी पैसे से खड़ा हुआ साम्राज्य

इस जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बलरामपुर की एक बड़ी इमारत को आतंकी ट्रेनिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। विदेशी फंड से बंगलें, बिजनेस आउटलेट्स और कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी गई थी। इसके अलावा दरगाह में हर साल भव्य उर्स आयोजित होता था, जिसमें देश-विदेश से लोग शामिल होते थे, जो फंडिंग के नाम पर एक बड़ी कवर स्टोरी बन चुका था।

मुंबई में बड़ा खुलासा: शहजादा बना नेटवर्क का नया चेहरा

ईडी ने मुंबई के बांद्रा इलाके में छांगुर के करीबी शहजादा के घर भी छापा मारा। उसके खाते में 2 करोड़ की संदिग्ध रकम मिली, जो बलरामपुर निवासी नवीन के जरिए ट्रांसफर हुई थी। शुरुआती जांच में साफ है कि यह रकम धर्मांतरण नेटवर्क और आतंक से जुड़ी गतिविधियों के लिए भेजी गई थी।

फर्जी दस्तावेज, नकली नाम और UAE से 19 यात्राएं

इस मामले में शामिल नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जमालुद्दीन के पास फर्जी पासपोर्ट, आधार और पहचान पत्र पाए गए। दोनों ने मिलकर अब तक 19 बार UAE की यात्रा की है। छांगुर बाबा ने भी फर्जी पासपोर्ट से दुबई की यात्रा की और वहीं से इस अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण सिंडिकेट को ऑपरेट करता रहा।

ईडी की जांच में नीतू, नवीन और छांगुर के नाम पर कुल 22 बैंक खाते और 3 फर्जी ट्रस्ट सामने आए, जिनमें करोड़ों का लेन-देन हुआ है। इनमें से कुछ खाते UAE, दुबई, शारजाह के बैंकों से लिंक पाए गए। फंड ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल हुए नाम अस्वी इंटरप्राइजेज, अस्वी चैरिटेबल ट्रस्ट और बाबा ताज्जुद्दीन अस्वी बुटीक हैं।  

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