गुजरात ATS ने अल-कायदा के टेरर मॉड्यूल के मास्टरमाइंड को धर दबोचा, 'गजवा-ए-हिंद' के तहत आतंक फैलाने की साजिश का किया खुलासा
गुजरात एटीएस ने अल-कायदा के टेरर मॉड्यूल के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर 'गजवा-ए-हिंद' के तहत आतंक फैलाने की साजिश का पर्दाफाश किया।
Gujarat ATS arrested mastermind Al-Qaeda terror module exposed conspiracy spread terror under Ghazwa-e-Hind
गुजरात एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) को अलकायदा से जुड़े एक बड़े टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, एटीएस ने अलकायदा की भारतीय इकाई AQIS (Al-Qaeda in Indian Subcontinent) से जुड़े एक सोशल मीडिया नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों में से दो गुजरात से, एक नोएडा से और एक दिल्ली से पकड़ा गया। गुजरात एटीएस ने समय रहते इस आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है, जिससे एक बड़ी हिंसा की घटना टल गई। पकड़े गए सभी आतंकी इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर 'गजवा-ए-हिंद' की विचारधारा को फैलाने और भारत में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे थे।
गुप्त सूचना पर आधारित शुरू हुई जांच
10 जून 2025 को गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को एक महत्वपूर्ण खुफिया सूचना मिली। सूचना के मुताबिक, कुछ इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए देश विरोधी और भड़काने वाली बातें फैलाई जा रही थीं। इन अकाउंट्स से AQIS (Al-Qaeda in Indian Subcontinent) का आतंकवादी कंटेंट, वीडियो और विचारधारा शेयर की जा रही थी। इनका मकसद देश के मुसलमान युवाओं को उकसाना, उन्हें आतंकवाद की ओर मोड़ना और भारत सरकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देना था।
इन इंस्टाग्राम अकाउंट्स से फैल रहा था आतंकवादी कंटेंट
इन इंस्टाग्राम अकाउंट्स से आतंकवादी कंटेंट सर्कुलेट हो रहा था, जिनमें शामिल थे: @sharyat_ya_shahadat, @f4rdeen_03, @_mujahideen1, @mujahideen.3, और @sefullah_muja_hid313। इन अकाउंट्स के जरिए देश विरोधी वीडियो, विचारधारा और संदेश फैलाए जा रहे थे, जिनका उद्देश्य भारत में हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा देना था।
गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई
खुफिया सूचना मिलने के बाद गुजरात एटीएस ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया, जिनकी निगरानी SP के. सिद्धार्थ कर रहे थे। जांच के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट्स के ऑपरेटरों की पहचान की गई, जो आतंकवादी कंटेंट फैला रहे थे। इनकी पहचान इस प्रकार हुई: फार्दीन शेख, जो फतेहवाड़ी, अहमदाबाद का निवासी है; सैफुल्ला कुरैशी, जो मोडासा, गुजरात से है; मोहम्मद फाईक, जो चांदनी चौक, दिल्ली का निवासी है; और ज़ीशान अली, जो नोएडा, उत्तर प्रदेश से है। गुजरात एटीएस ने इन चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली, नोएडा, मोडासा और अहमदाबाद में कार्रवाई की। दिल्ली स्पेशल सेल, यूपी एटीएस और दिल्ली-यूपी पुलिस की मदद से, 21 और 22 जुलाई को इन सभी को गिरफ्तार किया गया और फिर गुजरात एटीएस के ऑफिस में लाया गया।
जांच में क्या सामने आया?
जांच के दौरान, फार्दीन शेख के पास से AQIS का 'जिहाद' फैलाने वाला साहित्य और एक तलवार बरामद हुई। उसके मोबाइल से एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह तलवार लहराते हुए कह रहा था, "बस यही कमी थी, अब सब पूरा हो गया… अल्लाहू अकबर!" चारों आरोपियों के मोबाइल और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से भड़काऊ वीडियो, जिहादी कंटेंट, गजवा-ए-हिंद से जुड़े संदेश, काफिरों के खिलाफ हिंसा को उकसाने वाले पोस्ट और शरिया कानून के समर्थन में पोस्ट मिले हैं। यह सब मिलकर सोशल मीडिया पर AQIS की विचारधारा फैला रहे थे और युवा वर्ग को भड़काने का काम कर रहे थे। इसके अलावा, मोहम्मद फाईक पाकिस्तान के इंस्टाग्राम अकाउंट्स @gujjar_sab.111 और M Salauddin Siddiqui 1360 से भी संपर्क में था।
2 सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच जारी
पूछताछ के बाद, गुजरात एटीएस ने और 25 संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है। कुल मिलाकर 62 अकाउंट्स से जुड़े डेटा को खंगाला जा रहा है। इन सभी के खिलाफ UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गुजरात एटीएस ने आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 13, 18, 38, 39 और IPC की धारा 113, 152, 196, 61 के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट से चारों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड भी मिल चुकी है और पूछताछ जारी है।
यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आतंकी संगठन अब युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से अपना शिकार बना रहे हैं। हालांकि, देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से चौकस हैं और इस तरह की साजिशों को नाकाम करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं। गुजरात एटीएस की यह कार्रवाई देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।