Humayun Kabir on Cow: ‘गाय, बकरी, ऊंट सबकी कुर्बानी होगी’, हुमायूं कबीर के बयान पर हंगामा

Humayun Kabir on Cow: बकरीद से पहले हुमायूं कबीर के गाय की कुर्बानी वाले बयान ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

Update:2026-05-21 12:49 IST

Humayun Kabir on Cow

Humayun Kabir on Cow: बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने गाय की कुर्बानी को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उनके बयान के बाद विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

“कुर्बानी को कोई नहीं रोक सकता”

हुमायूं कबीर (Humayun Kabir On Cow Sacrifice) ने कहा कि कुर्बानी की परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि यह लगभग 1400 साल पुरानी धार्मिक परंपरा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक दुनिया रहेगी, तब तक कुर्बानी होती रहेगी और इसे कोई नहीं रोक सकता। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश भी करेगा, तब भी लोग उसे नहीं मानेंगे। कबीर ने कहा कि सत्ता किसी की भी हो, धार्मिक परंपराओं को बंद नहीं किया जा सकता।

बंगाल सरकार पर भी साधा निशाना

हुमायूं कबीर (Humayun Kabir On Bakrid) ने इस दौरान पश्चिम बंगाल सरकार पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार एक दिन कुछ कहती है और दूसरे दिन कुछ और, इसलिए वे सरकार के बयानों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को गाय का मांस खाने से रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास अधिकार है कि वह अपनी नीति बनाए, लेकिन धार्मिक कुर्बानी पर रोक लगाना संभव नहीं है।

"गाय, बकरी और ऊंट सभी की होगी कुर्बानी"

अपने बयान में हुमायूं कबीर ( (Humayun Kabir Latest News) ने कहा कि इस्लाम में जिन पशुओं की कुर्बानी जायज मानी गई है, उनकी कुर्बानी होती रहेगी। उन्होंने कहा कि गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी होगी, ऊंट और दुम्बे की भी होगी। उनके अनुसार, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो परंपरा चली आ रही है, उसे कोई राजनीतिक शक्ति खत्म नहीं कर सकती। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बकरीद को लेकर कई राज्यों में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर संवेदनशील माहौल बना हुआ है।

कौन हैं हुमायूं कबीर?

हुमायूं कबीर (AJUP Chief) पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक चर्चित चेहरा बन चुके हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर नई मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। इस बयान के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी “आम जनता उन्नयन पार्टी” का गठन किया। हाल ही में हुए चुनाव में उनकी पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए दो सीटों पर जीत दर्ज की। हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नवदा सीट से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की।

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