5 राज्य, 824 सीटें और 1 फैसला! कल सुबह 8 बजे से शुरू होगा लोकतंत्र का सबसे बड़ा महा-संग्राम, जानें कहां बन रही किसकी सरकार
5 states election results India 2026: 4 मई सुबह 8 बजे से 5 राज्यों के चुनाव नतीजों की गिनती शुरू! बंगाल से तमिलनाडु तक किसकी बनेगी सरकार? 824 सीटों पर सस्पेंस बरकरार जानिए हर राज्य का पूरा समीकरण और किसके पक्ष में जा सकता है जनादेश।
5 states election results India 2026: भारत के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की किस्मत अब मशीनों से निकलकर जनता के सामने आने वाली है। कल यानी 4 मई को इन राज्यों की 800 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती शुरू होगी। सुबह 8 बजे से ही EVM की गिनती के साथ रुझान आने लगेंगे और दोपहर तक काफी हद तक तस्वीर साफ हो जाएगी कि आने वाले पांच सालों के लिए इन राज्यों की बागडोर किसके हाथों में होगी। क्या 'दीदी' अपना किला बचा पाएंगी या भाजपा का 'कमल' खिलेगा? क्या केरल में इतिहास बदलेगा? इन सभी सवालों के जवाब बस चंद घंटों की दूरी पर हैं।
पश्चिम बंगाल: 'दीदी' की साख बनाम भाजपा का 'परिवर्तन'
बंगाल का चुनाव इस बार देश का सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला बन चुका है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है। एग्जिट पोल्स ने यहाँ एक ऐसी तस्वीर पेश की है जिसने टीएमसी और भाजपा दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चाणक्य स्ट्रैटेजी और मैट्रीज जैसे पोलस्टर्स भाजपा को 150 से 161 सीटें देकर उनकी सरकार बनने का दावा कर रहे हैं, वहीं 'पीपुल्स पल्स' जैसे सर्वे ममता बनर्जी की प्रचंड वापसी (178-187 सीटें) की भविष्यवाणी कर रहे हैं। 92 प्रतिशत के रिकॉर्ड मतदान ने विशेषज्ञों को भी उलझा दिया है। क्या यह वोट 'दीदी' की योजनाओं के समर्थन में पड़ा है या भाजपा के 'सोनार बांग्ला' के वादे पर? कल का सूरज यह तय करेगा कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी या सुवेंदु अधिकारी और उनकी टीम बंगाल में नया इतिहास लिखेगी।
असम: क्या हिमंता का 'मैजिक' फिर चलेगा?
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में 126 सीटों के लिए लड़ाई काफी दिलचस्प है। यहाँ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपनी सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी है। एग्जिट पोल्स (जैसे एक्सिस माई इंडिया और जेवीसी) भाजपा गठबंधन को 88 से 100 सीटें दे रहे हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। अगर ये नतीजे सच साबित होते हैं, तो यह असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत होगी। कांग्रेस के लिए यहाँ अस्तित्व बचाने की लड़ाई है, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि 'साइलेंट वोटर' उनकी नैया पार लगाएंगे।
केरल: क्या टूटेगा 'अदला-बदली' का रिवाज?
केरल की 140 सीटों पर इस बार मुकाबला बहुत कांटे का है। यहाँ का इतिहास रहा है कि जनता हर पांच साल में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) को बारी-बारी मौका देती है। लेकिन 2021 में पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इस रिवाज को तोड़ा था। एग्जिट पोल्स इस बार असमंजस में हैं। जहाँ कुछ सर्वे यूडीएफ को 72-83 सीटों के साथ आगे दिखा रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि एलडीएफ अपनी सत्ता बरकरार रख सकती है। केरल के नतीजे यह तय करेंगे कि वामपंथी राजनीति का आखिरी गढ़ सुरक्षित रहता है या कांग्रेस की वापसी होती है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी: स्टालिन की 'शक्ति' बनाम विजय का 'फैक्टर'
तमिलनाडु की 234 सीटों पर एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला द्रमुक (DMK) गठबंधन अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। एग्जिट पोल्स भी उन्हें 125 से 145 सीटें देकर बहुमत के पार दिखा रहे हैं। लेकिन इस चुनाव में सबसे बड़ी चर्चा सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी 'टीवीके' (TVK) की है। माना जा रहा है कि विजय की पार्टी युवाओं के वोट काटकर कई सीटों पर बड़े दलों का खेल बिगाड़ सकती है। वहीं पड़ोसी पुडुचेरी में 30 सीटों पर मुकाबला है। यहाँ एनआर कांग्रेस और भाजपा का गठबंधन (NDA) फिर से सत्ता में लौटता दिख रहा है। हालांकि, यहाँ भी अभिनेता विजय की पार्टी को 2 से 4 सीटें मिलने का अनुमान है, जो आने वाले समय में यहाँ की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
कल का दिन: लोकतंत्र की असली परीक्षा
4 मई का दिन केवल जीत-हार का नहीं, बल्कि एग्जिट पोल्स की साख का भी इम्तिहान है। कई बार ये सर्वे पूरी तरह गलत साबित हुए हैं, इसलिए पार्टियां अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ईवीएम खोली जाएंगी। कल दोपहर तक भारत के नक्शे पर सियासी रंगों का नया पैटर्न साफ हो जाएगा। क्या भगवा रंग और फैलेगा या क्षेत्रीय क्षत्रप अपनी ताकत बनाए रखेंगे, इसका फैसला कल जनता की अदालत से बाहर आएगा।