थाने में लंगड़ाए, फिर पट्टियां हटाईं, प्लास्टर फेंका और चल पड़े आरोपी…वायरल Video से उठे सवाल
MP Fack Plaster Controversy: इंदौर में कार तोड़फोड़ मामले के आरोपियों का वीडियो वायरल होने के बाद हीरा नगर थाना पुलिस सवालों के घेरे में है। प्लास्टर और चोट को लेकर उठे सवालों पर जांच शुरू।
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MP Fack Plaster Controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की हीरा नगर थाना (Heera Nagar Police Station) पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली, आरोपियों के कथित मेडिकल और पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार में तोड़फोड़ (Car Vandalism) के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के हाथों पर बंधे प्लास्टर (Plaster) और पट्टियों को लेकर सामने आई तस्वीरों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
दो वीडियो में दिखा बड़ा विरोधाभास
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहे विरोधाभास ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। कार तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर पुलिस का दावा था कि भागने के दौरान गिरने से उन्हें चोटें आई थीं।
पहले सामने आए वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों के सहारे लंगड़ाते हुए चलते दिखाई दिए थे। उनके हाथों पर पट्टियां और प्लास्टर बंधे हुए नजर आ रहे थे।
इसके बाद जेल के बाहर का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वही आरोपी बिना किसी सहारे के सामान्य तरीके से चलते दिखाई दिए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी अपने हाथों पर बंधी पट्टियां और प्लास्टर खुद ही निकालकर फेंक रहे हैं।
पुलिस के दावों पर उठे सवाल
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के उस दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें कहा गया था कि आरोपियों को भागने के दौरान गिरने से चोट लगी थी। वीडियो में आरोपियों के सामान्य रूप से चलते और खुद प्लास्टर हटाते दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
रिश्वत लेने के भी लगे आरोप
वीडियो वायरल होने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से 20 हजार रुपये की रिश्वत (Bribe) ली थी।
हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
एडिशनल डीसीपी ने दिए जांच के निर्देश
मामला बढ़ने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया है। इंदौर के एडिशनल डीसीपी (Addl. DCP) राजेश दंडोतिया (Rajesh Dandotiya) ने बताया कि वायरल वीडियो और सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है।
उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।