शेयर बाजार में हाहाकार! ईरान-इजरायल युद्ध की आग में स्वाहा हुए 6 लाख करोड़, 2700 अंक टूटा सेंसेक्स
Indian stock market crash: ईरान-इजरायल युद्ध की आंच में भारतीय शेयर बाजार झुलस गया। BSE Sensex 2700 अंकों तक टूट गया और निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरे ने बाजार में ‘ब्लैक मंडे’ जैसा माहौल बना दिया।
Indian stock market crash: मिडिल ईस्ट में छिड़ी भीषण जंग का असर अब सीधे भारतीय निवेशकों की जेब पर पड़ा है। सोमवार, 2 मार्च 2026 की सुबह दलाल स्ट्रीट के लिए किसी डरावने सपने जैसी रही। ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत और अमेरिका-इजरायल के जवाबी हमलों की खबरों के बीच भारतीय शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 2743 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के देखते ही देखते 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यह 'ब्लैक मंडे' चीख-चीख कर कह रहा है कि युद्ध की लपटें अब भारतीय अर्थव्यवस्था को झुलसाने लगी हैं।
बाजार में हाहाकार: निफ्टी और बैंक निफ्टी भी धराशायी
जैसे ही बाजार खुला, सेंसेक्स 3.38% टूटकर 78,543 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 519 अंकों की भारी गिरावट के साथ 24,659 पर खुला। सबसे बुरा हाल बैंकिंग सेक्टर का रहा, जहाँ बैंक निफ्टी 1300 अंकों से ज्यादा फिसल गया। हालांकि, शुरुआती झटके के बाद बाजार ने थोड़ी रिकवरी की कोशिश की और सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ 80,282 पर कारोबार करने लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक शुरुआत है; अगर ईरान और इजरायल के बीच तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में गिरावट और भी ज्यादा हावी हो सकती है।
अडानी से लेकर इंडिगो तक सब लाल
बाजार की इस सुनामी में बीएसई टॉप-30 के 29 शेयर बुरी तरह पिट गए। इंडिगो के शेयरों में करीब 5 फीसदी की गिरावट रही, वहीं एलएंडटी 4 फीसदी और अडानी पोर्ट 3 फीसदी तक टूट गए। निवेशकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन इस भीषण मंदी में भी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) का शेयर 1 फीसदी की तेजी के साथ इकलौता 'ग्रीन सिग्नल' बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल 10 फीसदी की हलचल देखी जा रही है, लेकिन डर यह है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ, तो तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है, जो बाजार के लिए 'ताबूत में आखिरी कील' साबित होगा।
6 लाख करोड़ का नुकसान
शुक्रवार को बीएसई का कुल मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये था, जो सोमवार को घटकर 457.50 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया। यानी मात्र कुछ घंटों के भीतर निवेशकों की वेल्थ में 6 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश में मजबूर कर दिया है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस वक्त बाजार में नई खरीदारी करने से बचें और युद्ध की ताजा खबरों पर नजर बनाए रखें।