Jaipur में निर्माणाधीन सरकारी भवन की छत गिरी, 11 से आधिक मजदूर घायल, कई की हालत गंभीर
Jaipur Building Collapse: जयपुर में जवाहर कला केंद्र के सामने एफटीआई ऑफिस की निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 11 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।
Jaipur Building Collapse
Jaipur Building Collapse: राजधानी जयपुर में सोमवार को एक निर्माणाधीन सरकारी भवन (Government Building) में बड़ा हादसा हो गया। जवाहर कला केंद्र (Jawahar Kala Kendra) के सामने स्थित एफटीआई ऑफिस (FTI Office) की निर्माणाधीन बिल्डिंग में छत की शटरिंग (Shuttering) अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय भवन में कई मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। छत गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस हादसे में 11 से अधिक मजदूर घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) के ट्रॉमा सेंटर (Trauma Centre) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, जेएलएन मार्ग (JLN Marg) स्थित एफटीआई ऑफिस की बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान भवन की छत की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। मलबा गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस (Police), प्रशासन (Administration) और एम्बुलेंस (Ambulance) की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हुए घायल
हादसे में घायल सभी मजदूरों को एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को बुलाया और सभी घायलों का उपचार शुरू कराया। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही एसएमएस थाना (SMS Police Station) पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि शटरिंग या निर्माण कार्य में किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह हादसा हुआ है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सामने आई घायलों की पहचान
हादसे में घायल मजदूरों में लाला राम (Lala Ram), राजीव कुमार (Rajeev Kumar), नीतीश कुमार (Nitish Kumar), उदित (Udit), प्रमोद (Pramod), बकू (Baku), कार्तिक (Kartik), प्रमोद और शोक (Shok) सहित 11 से अधिक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ मजदूरों की पहचान और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन लगातार सभी घायलों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता (Construction Quality) और सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा मानकों का पालन और शटरिंग की मजबूती की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। यदि इसमें लापरवाही बरती जाती है तो ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण एजेंसी (Construction Agency), ठेकेदार (Contractor) या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।