RJD ने फिर खेला पुराना दांव, बांकीपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता को दिया टिकट, त्रिकोणीय हुआ मुकाबला

RJD Bankipur Bypoll Candidate: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी ने एक बार फिर रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। प्रशांत किशोर की एंट्री के बाद मुकाबला त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। जानिए चुनावी समीकरण और राजनीतिक रणनीति।

Update:2026-07-06 18:47 IST

RJD Bankipur Bypoll Candidate: बिहार की सियासत में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर एक बार फिर रेखा कुमारी गुप्ता को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने लगातार दूसरी बार रेखा गुप्ता के मजबूत चेहरे पर अपना पूरा भरोसा जताया है। आपको बता दें कि इससे पहले हुए मुख्य विधानसभा चुनाव में भी आरजेडी ने उन्हें ही मैदान में उतारा था। उस कड़े मुकाबले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे 46,363 वोट हासिल किए थे और वे दूसरे स्थान पर रही थीं। आरजेडी खेमे को पूरी उम्मीद है कि उनके पिछले बेहतरीन प्रदर्शन और जमीनी पकड़ का फायदा पार्टी को इस उपचुनाव में जरूर मिलेगा और रेखा गुप्ता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूती से विरोधियों को धूल चटाएंगी।

जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश

बांकीपुर सीट पर आरजेडी की इस उम्मीदवार के चयन के पीछे एक बहुत ही सोची-समझी चुनावी रणनीति छिपी हुई है। रेखा गुप्ता वैश्य समाज की तेली जाति से ताल्लुक रखती हैं। वैसे तो बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को पारंपरिक रूप से कायस्थ जाति के दबदबे वाली सीट माना जाता है, लेकिन यहां वैश्य समाज के मतदाताओं की संख्या भी बहुत अच्छी-खासी और निर्णायक है। इसी सामाजिक गणित को ध्यान में रखते हुए आरजेडी ने रेखा गुप्ता पर यह बड़ा दांव खेला है ताकि वैश्य मतों में बड़ी सेंध लगाई जा सके। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि रेखा गुप्ता के पास इस बार जनता का एक बहुत ही मजबूत और बड़ा आधार पहले से ही मौजूद है जो उन्हें जीत की दहलीज तक ले जा सकता है।

मैदान में प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री

इस बार बांकीपुर का यह चुनावी संग्राम बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक होने की पूरी संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस सीट पर अब आमने-सामने की लड़ाई नहीं, बल्कि एक बेहद कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलने वाला है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी अपने इस पुराने और मजबूत गढ़ को हर कीमत पर बचाने की पूरी जी-तोड़ कोशिश करेगी, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल आरजेडी अपनी इस नई चुनौती के जरिए बीजेपी के किले को ढहाने में जुटी है। इस चुनावी लड़ाई को सबसे ज्यादा दिलचस्प बनाया है 'जन सुराज' पार्टी ने, जिसने इस सीट को अपनी साख और प्रतिष्ठा का बड़ा सवाल बना दिया है।

बदल गए जीत-हार के सारे समीकरण

जन सुराज ने बांकीपुर उपचुनाव के मैदान में किसी साधारण चेहरे को नहीं, बल्कि अपने मुख्य संस्थापक और देश के मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को ही उम्मीदवार बनाकर उतार दिया है। प्रशांत किशोर के खुद चुनाव मैदान में उतरने से बांकीपुर के सारे पुराने राजनीतिक और जातीय समीकरण पूरी तरह से उलट-पुलट गए हैं। उनकी इस धमाकेदार एंट्री से इस वीआईपी सीट पर अब तीन प्रमुख ताकतों के बीच एक बहुत ही सीधी और कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। अब देखना यह होगा कि इस त्रिकोणीय महामुकाबले में बांकीपुर की जनता आरजेडी की रेखा गुप्ता पर भरोसा जताती है, बीजेपी का साथ देती है या फिर प्रशांत किशोर के जन सुराज को चुनती है।

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