पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड कौन? NIA ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, सामने आया इस खूंखार आतंकवादी का नाम
Pahalgam Terror Attack NIA Chargesheet: पहलगाम हमले पर NIA की बड़ी कार्रवाई! लश्कर सरगना हाफिज सईद के खिलाफ 1597 पन्नों की चार्जशीट दाखिल।
Pahalgam Terror Attack NIA Chargesheet: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। इस खौफनाक आतंकी हमले को लेकर जांच एजेंसी ने अपनी एक नई पूरक चार्जशीट पूरी तरह तैयार कर ली है। इस चार्जशीट में दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठनों में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान की सरजमीं पर बैठकर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले और लश्कर व टीआरएफ जैसे खतरनाक संगठनों को खड़ा करने वाले हाफिज सईद के खिलाफ सीधे तौर पर पुख्ता आरोप तय कर दिए गए हैं।
स्पेशल कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट
आतंकवाद विरोधी देश की सबसे बड़ी एजेंसी ने जम्मू में स्थित एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। इस कानूनी दस्तावेज में हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से और उसके प्रतिबंधित आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा के साथ-साथ उसके इशारे पर घाटी में सक्रिय प्रॉक्सी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' के मुखिया के तौर पर नामजद किया गया है। जांच एजेंसी ने पाकिस्तान में बैठे इस मास्टरमाइंड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए 1967 की कई बेहद सख्त और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चार्जशीट के अनुसार, हाफिज पर भारत देश के खिलाफ सीधे तौर पर युद्ध छेड़ने और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से खूनी साजिशें रचने के कड़े आरोप लगाए गए हैं।
1597 पन्नों में कैद है सच
एनआईए की तरफ से अदालत में दाखिल की गई यह चार्जशीट पूरे 1597 पन्नों की है। इस विशाल दस्तावेज में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और वहां के हुक्मरानों की काली साजिशों का कच्चा चिट्ठा खोला गया है। इसमें हाफिज सईद की मुख्य भूमिका और एनआईए के जांबाजों द्वारा रात-दिन एक करके जुटाए गए एक-एक वैज्ञानिक और जमीनी सबूतों का पूरा ब्योरा दिया गया है। आपको बता दें कि हाफिज मोहम्मद सईद भारत का सबसे बड़ा वांटेड अपराधी है, जो साल 2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले का भी मुख्य सूत्रधार रहा है।
धर्म पूछकर बरसाई थीं गोलियां
पहलगाम की इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के अंतर्गत आने वाली बेहद खूबसूरत बैसरन घाटी में आतंकियों ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया था। वहां घूमने आए बेकसूर पर्यटकों को बंधक बनाकर, पहले उनका धर्म पूछा गया और फिर 26 मासूम टूरिस्टों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया था। इस अंधाधुंध गोलीबारी में 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
ऑपरेशन सिंदूर से मिला था जवाब
इस वीभत्स हत्याकांड के तुरंत बाद भारत सरकार और भारतीय सेना ने दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए एक बेहद गुप्त और बड़ा कदम उठाया था। भारत ने सीमा पार छिपे आतंकियों को नेस्तनाबूद करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया था। इस जांबाज ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में चल रहे आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। एनआईए की इस ताजा कार्रवाई से साफ है कि भारत अपने शहीदों और बेकसूर नागरिकों की मौत का हिसाब पूरा करके ही दम लेगा।