Kerala MLA: केरल में 84% विधायकों पर आपराधिक केस, 69% करोड़पति
Kerala MLA Report: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि नई विधानसभा की तस्वीर भी पेश की है।
Kerala Legislative Assembly ADR Report 84 Percent MLA Face Criminal Cases 69 Percent Millionaires
Kerala MLA Report: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि नई विधानसभा की तस्वीर भी पेश की है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और केरल इलेक्शन वॉच की एक ताजा रिपोर्ट ने जीतने वाले 135 उम्मीदवारों के हलफनामों का गहन विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले विधायकों की संख्या में भारी इजाफा और करोड़पति जनप्रतिनिधियों का दबदबा प्रमुख है।
हर पांच में से चार पर केस
2026 की केरल विधानसभा में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे विधायकों का आंकड़ा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
नवनिर्वाचित 135 में से 114 विधायकों (84%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। यह संख्या 2021 के 71% (136 में से 96) से काफी अधिक है।
बात सिर्फ मामूली मामलों तक सीमित नहीं है। 77 विधायकों (57%) पर गंभीर आपराधिक धाराएं लगी हैं, जबकि 2021 में यह दर 27% थी। यह दोगुने से भी अधिक की वृद्धि है।
रिपोर्ट के अनुसार, जीतने वाले उम्मीदवारों में से 1-1 विधायक पर हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं।
पार्टी-वार प्रदर्शन: कौन कितना 'दागी'?
कांग्रेस की बात करें तो उसके 59 में से 53 विधायकों (90%) पर आपराधिक मामले, वहीं 44 (75%) पर गंभीर मामले हैं। माकपा यानी सीपीएम के 26 में से 20 (77%) पर आपराधिक मामले और 10 (38%) पर गंभीर केस हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 22 में से 20 (91%) पर आपराधिक मामले, जबकि 12 (55%) गंभीर श्रेणी में। भाजपा के 3 में से 3 (100%) विधायक आपराधिक मामलों से घिरे हैं, जिनमें 2 (67%) पर गंभीर आरोप हैं। केरल कांग्रेस के 7 में से 6 (86%) पर आपराधिक और 4 (57%) पर गंभीर मामले दर्ज हैं। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के 3 में से सभी 3 (100%) विधायकों पर आपराधिक और गंभीर दोनों तरह के मामले हैं।
69% विधायक करोड़पति, कुछ के पास अरबों की दौलत
केरल की जनता ने जिन्हें चुना है, उनकी आर्थिक हैसियत भी खासी मजबूत है। रिपोर्ट के मुताबिक, 93 विधायक (69%) करोड़पति हैं। यह आंकड़ा 2021 के 55% (75 विधायक) से बढ़ा है। नई विधानसभा में एक विधायक की औसत संपत्ति 6.94 करोड़ रुपये है, जो 2021 की 3.12 करोड़ रुपये की औसत संपत्ति से दोगुने से भी ज्यादा है।
टॉप अमीरों में रेजी चेरियान (केरल कांग्रेस) ने कुल संपत्ति 218 करोड़ से अधिक की बताई है। राजीव चंद्रशेखर (भाजपा) ने 111 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति डिक्लेअर की हुई है जबकि शिबू थीक्कुमपुरम (केरल कांग्रेस) ने 68 करोड़ से अधिक संपत्ति बताई है।
सबसे कम संपत्ति वालों की बात करें तो ए.डी. थॉमस (कांग्रेस) ने 39 हजार, के बिनीमोल (कांग्रेस) ने 6 लाख और उल्लास कोवुर (आरएसपी) ने 6 लाख की संपत्ति बताई है।
पार्टियों की बात करें तो केरल कांग्रेस के सभी 7 विधायक करोड़पति हैं, जिनकी औसत संपत्ति 45.18 करोड़ रुपये है। आईयूएमएल के 86% (22 में से 19) और कांग्रेस के 68% (59 में से 40) विधायक करोड़पति श्रेणी में आते हैं।
पुराने चेहरों की संपत्ति में कितना इजाफा?
रिपोर्ट में उन 55 विधायकों का तुलनात्मक विश्लेषण भी किया गया है जो 2021 और 2026 दोनों ही चुनाव जीतने में सफल रहे। इनकी औसत संपत्ति 2021 में ₹3.18 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹3.84 करोड़ हो गई, जो ₹65.18 लाख (20%) की बढ़ोतरी है। माकपा के 21 पुनर्निर्वाचित विधायकों की संपत्ति में सबसे अधिक 78.75% की वृद्धि हुई। कांग्रेस के 18 विधायकों की संपत्ति में 26.25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार, 33 विधायक स्नातकोत्तर और 37 ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं। आयु वर्ग में 44 विधायक 51-60 आयु वर्ग के हैं। महिला प्रतिनिधित्व बेहद कम है। सिर्फ 9 महिला विधायक चुनी गईं हैं जो कुल संख्या का 9.7% है।