Sharad Pawar MP Split: उद्धव के बाद अब शरद पवार के सांसद करेंगे बगावत! आनन-फानन बुलाई गई इमरजेंसी बैठक, मची खलबली

Sharad Pawar MP Split: महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी संकट गहराता दिख रहा है। शरद पवार की NCP में सांसदों की संभावित बगावत की खबरों के बीच इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है। जानिए पूरा मामला।

Update:2026-06-19 13:07 IST

Sharad Pawar MP Split: महाराष्ट्र का सियासी पारा एक बार फिर खौल उठा है और राज्य की राजनीति में एक नया और बहुत बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं. शिवसेना के भीतर मची खींचतान के बीच अब खबर आ रही है कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) में भी बड़ी दरार पड़ सकती है. सियासी गलियारों में यह चर्चा बहुत जोरों पर है कि सीनियर पवार की पार्टी के कई कद्दावर नेता और सांसद इस समय राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की पार्टी के लगातार संपर्क में बने हुए हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी नेता ने इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन परदे के पीछे चल रही इस हलचल ने महाविकास अघाड़ी के भीतर खलबली मचा दी है.

सीक्रेट मीटिंग की खबर

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शरद पवार गुट के कुछ सांसदों की एनसीपी के बड़े नेताओं के साथ गुप्त बातचीत चल रही है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंदरखाने गतिविधियां बेहद तेज हो चुकी हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी चर्चा और बैठकों के दौरान युवा नेता पार्थ पवार भी वहां मौजूद थे, जिससे इन खबरों को और ज्यादा बल मिल रहा है. हालांकि, बगावत की राह पर चल रहे ये चेहरे कौन हैं, इसे लेकर अभी तक पूरी तरह से सस्पेंस बना हुआ है और किसी भी नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है.

डैमेज कंट्रोल में जुटे शरद पवार

पार्टी के भीतर पनप रहे इस असंतोष और टूट की खबरों से वरिष्ठ नेता शरद पवार भी बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं. अपनी पार्टी को एक और बड़े बिखराव से बचाने के लिए सीनियर पवार ने तुरंत कमान संभाल ली है. बताया जा रहा है कि वह बहुत जल्द अपने सभी सांसदों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं. इस आपात बैठक का मुख्य मकसद नाराज सांसदों से सीधा संवाद करना, उनकी शिकायतों को सुनना और पार्टी के भीतर के आपसी मतभेदों को समय रहते दूर करना है ताकि किसी भी तरह की टूट को टाला जा सके.

किसका पलड़ा भारी, क्या कहते हैं आंकड़े?

फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बगावत की तैयारी कर रहे ये माननीय लोकसभा से हैं या राज्यसभा से. अगर मौजूदा गणित की बात करें, तो लोकसभा में शरद पवार की पार्टी के पास 8 सांसद हैं, जबकि अजीत पवार की एनसीपी के पास महज 1 सीट है. वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में पासा पूरी तरह उल्टा है, जहां शरद पवार खुद अकेले सांसद हैं, जबकि अजीत पवार के खेमे में 4 सांसद मौजूद हैं. ऐसे में अगर कोई भी फेरबदल होता है, तो वह दोनों ही गुटों के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा.

'ऑपरेशन टाइगर' पर टिकी सबकी नजरें

इधर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों के भी पाला बदलकर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हैं. व्हिप जारी होने के बावजूद इन सांसदों का बैठक से नदारद रहना इस बात का पुख्ता सबूत माना जा रहा है. हालांकि, शुक्रवार को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर शिंदे गुट ने साफ किया है कि वे इस दिन कोई ज्वाइनिंग कराकर जश्न का मजा किरकिरा नहीं करेंगे. पिछले कई हफ्तों से दिल्ली और महाराष्ट्र के सियासी हलकों में चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' ने पूरे सूबे की नींद उड़ा रखी है.

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