PM Kisan 23rd Installment 2026: कल खाते में आएंगे ₹2000, पहले जान लें बैंक और e-KYC का नियम

PM Kisan 23rd Installment 2026: 20 जून को 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹2000 ट्रांसफर होंगे। किस्त अटकने से बचने के लिए e-KYC, आधार सीडिंग और बैंक डिटेल्स जरूर जांच लें।

Update:2026-06-19 11:35 IST

PM Kisan 23rd Installment 2026

PM Kisan 23rd Installment 2026: 24 फरवरी 2019 से आरंभ की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। ताकि वे खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों से जुड़े खर्चों को आसानी से पूरा कर सकें।

वहीं अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों लाभार्थी किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। हालांकि किस्त जारी होने से पहले किसानों के मन में एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि शनिवार को बैंक खुले रहेंगे या बंद? अगर बैंक बंद रहे तो पैसे कैसे निकलेंगे? आइए जानते हैं पूरी जानकारी-

20 जून को बैंक खुले रहेंगे, किसानों को नहीं होगी परेशानी

पीएम किसान की 23वीं किस्त शनिवार, 20 जून को जारी की जा रही है। ऐसे में कई किसानों को चिंता है कि कहीं बैंक बंद न हों। दरअसल, देश में बैंक हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को सामान्य रूप से काम करते हैं।

20 जून महीने का तीसरा शनिवार है, इसलिए इस दिन सभी बैंक खुले रहेंगे। किसान अपने खाते में राशि आने के बाद बैंक शाखा जाकर पैसे निकाल सकते हैं। इसके अलावा एटीएम, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी राशि का उपयोग किया जा सकता है।

एक क्लिक में करोड़ों किसानों के खातों में पहुंचेगी राशि

केंद्र सरकार की ओर से पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

20 जून को जारी होने वाली 23वीं किस्त के तहत 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक साथ 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है।

e-KYC नहीं कराया तो अटक सकती है किस्त

सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अभी तक आधार आधारित e-KYC पूरी नहीं कराई है, उनकी किस्त अटक सकती है।

इसके अलावा भूमि सत्यापन और बैंक खाते को आधार से लिंक करना भी जरूरी है। यदि इनमें से किसी भी प्रक्रिया में कमी है तो भुगतान में देरी हो सकती है।

घर बैठे ऐसे करें e-KYC

अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं कराया है तो इसे घर बैठे कुछ मिनटों में पूरा किया जा सकता है।

सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां होम पेज पर दिए गए e-KYC विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सबमिट करें। सत्यापन पूरा होते ही आपकी e-KYC प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिन किसानों को ओटीपी आधारित सत्यापन में परेशानी आती है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक माध्यम से भी e-KYC करवा सकते हैं।

किस्त आने से पहले ये तीन चीजें जरूर जांच लें

कई बार पात्र होने के बावजूद तकनीकी कारणों से किसानों की किस्त रुक जाती है। ऐसे में लाभार्थियों को पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए।

यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो। भूमि रिकॉर्ड का स्टेटस Yes दिखाई दे रहा हो और e-KYC पूरी हो चुकी हो। यदि इनमें से कोई भी जानकारी अधूरी है तो भुगतान प्रभावित हो सकता है।

ऐसे चेक करें अपना बेनिफिशियरी स्टेटस

किसानों को सलाह दी जाती है कि किस्त जारी होने से पहले अपना बेनिफिशियरी स्टेटस अवश्य जांच लें। इसके लिए पीएम किसान पोर्टल पर जाकर Beneficiary Status विकल्प चुनें। यहां रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करके अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है।

अब तक किसानों को मिल चुके हैं लाखों करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। तब से लेकर अब तक सरकार 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में करीब 4.28 लाख करोड़ रुपये की सहायता राशि भेज चुकी है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देने वाली देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में शामिल है।

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ

यह योजना देश के पात्र किसान परिवारों के लिए चलाई जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम पर कृषि योग्य भूमि होना जरूरी है। साथ ही लाभार्थी का आधार नंबर उसके बैंक खाते और पीएम किसान पोर्टल के रिकॉर्ड से जुड़ा होना चाहिए। सरकार ने e-KYC और भूमि सत्यापन (लैंड सीडिंग) की प्रक्रिया को भी अनिवार्य कर दिया है। इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले किसानों को योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है।

कुछ श्रेणियों के लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। आयकर का भुगतान करने वाले किसान, संवैधानिक पदों पर रह चुके व्यक्ति, केंद्र या राज्य सरकार के सेवारत एवं कुछ मामलों में सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर हैं। इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर, जो सक्रिय रूप से अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं, उन्हें भी पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिलता। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से जरूरतमंद और पात्र किसानों तक सीधे सहायता पहुंचाना है।

इसी के साथ जिन किसानों ने अभी तक e-KYC, आधार सीडिंग या भूमि सत्यापन पूरा नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए ताकि उनकी 2,000 रुपये की किस्त बिना किसी रुकावट के खाते में पहुंच सके।

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