Mahua Moitra on Joining BJP: BJP में शामिल होंगी महुआ मोइत्रा? अटकलों पर TMC सांसद ने दिया दो टूक जवाब

Mahua Moitra on Joining BJP: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा में शामिल होने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। शुभेंदु अधिकारी की तारीफ पर सफाई देते हुए उन्होंने भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा प्रहार किया है।

Update:2026-06-27 18:31 IST

TMC Mahua Moitra

Mahua Moitra on Joining BJP: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति ने एक बेहद नाटकीय मोड़ ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस वक्त एक बड़ी टूट का सामना कर रही है। ऐसा लग रहा है मानो पार्टी में बगावत की होड़ सी मच गई हो। बीस से ज्यादा सांसदों ने किनारा करते हुए एनडीए समर्थक एक अलग धड़े का दामन थाम लिया है।

वहीं, विधानसभा के भीतर भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं, जहां साठ से अधिक विधायकों ने अपना एक अलग गुट बनाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। पिछले कुछ दिनों से तो जैसे यह आम चर्चा बन गई थी कि रोज कोई न कोई बड़ा नेता या सांसद ममता का साथ छोड़ रहा है।

क्या महुआ मोइत्रा भी छोड़ेंगी ममता का साथ?

इसी भारी सियासी उथल-पुथल के बीच एक नया विवाद तब खड़ा हो गया, जब टीएमसी की सबसे तेज-तर्रार और मुखर सांसद महुआ मोइत्रा ने अचानक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ कर दी। इस वाकये ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी कि क्या अब महुआ भी ममता बनर्जी से बगावत कर भाजपा के पाले में जाने की तैयारी कर रही हैं।

हालांकि, इन तेजी से फैलती अटकलों पर खुद महुआ ने विस्तार से अपनी बात रखी। बीबीसी हिंदी के साथ एक इंटरव्यू में जब उनसे भाजपा में शामिल होने की संभावना पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। महुआ ने साफ कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन और युवावस्था राजनीति को इस उम्मीद के साथ समर्पित की है ताकि वह उस धर्मनिरपेक्ष भारत को बचा सकें जिसमें हर कोई एक साथ मिलकर रहता था।

उन्होंने भाजपा पर देश में सांप्रदायिकता फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक इस विचारधारा का विरोध करेंगी। उनका एकमात्र लक्ष्य भाजपा को सत्ता से बेदखल करना है और जब तक वह जिंदा हैं, यह लड़ाई जारी रहेगी।

शुभेंदु अधिकारी संग पुरानी दोस्ती का किया जिक्र

उसी इंटरव्यू के दौरान महुआ मोइत्रा ने शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का भी बड़ी बेबाकी से जिक्र किया। बीते दिनों को याद करते हुए उन्होंने शुभेंदु को एक बेहतरीन दोस्त बताया। महुआ ने बताया कि जब वे दोनों एक ही पार्टी का हिस्सा हुआ करते थे, तब शुभेंदु ने हर कदम पर उनका बहुत साथ दिया था।

करीमपुर चुनाव के दौरान का एक किस्सा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उस वक्त केवल शुभेंदु ही उनके लिए प्रचार करने पहुंचे थे और उन्हें जिस भी मदद की जरूरत होती, वो हमेशा मौजूद रहते।

महुआ ने 2014 के लोकसभा चुनावों से जुड़ा एक बेहद भावुक पल भी याद किया। जब उन्हें चुनाव का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐन मौके पर उनका नाम कट गया। उस रात वह बहुत रोई थीं और उस मुश्किल घड़ी में केवल शुभेंदु ने ही उन्हें हौसला देते हुए कहा था कि 'नहीं बहन, मैं तुम्हारे साथ हूं'।

हालांकि, महुआ ने यह भी स्पष्ट किया कि आज वे दोनों अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का हिस्सा हैं और अब उनके बीच कोई बातचीत नहीं होती। बाद में जब उनके इन बयानों ने मीडिया में ज्यादा तूल पकड़ा, तो महुआ को सामने आकर सफाई देनी पड़ी कि उनके हालिया इंटरव्यू की बातों को गलत और भ्रामक तरीके से पेश किया गया है।

भाजपा सरकार की नीतियों पर किया तीखा प्रहार

इन तमाम विवादों से इतर, महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी भाजपा सरकार पर हमलावर होने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और कानून-व्यवस्था से जुड़े एक नए विवादित विधेयक को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए महुआ ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को हमेशा के लिए खत्म करना चाहती है और इसके लिए डराने-धमकाने के साथ-साथ विभाजनकारी नीतियों का सहारा लिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं को जानबूझकर रैलियां और जनसभाएं करने से रोका जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर टीएमसी की ताकत को कमजोर किया जा सके।

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