Maharashtra Politics: ऑपरेशन टाइगर 2.0 शुरू! एकनाथ शिंदे गुट में जाएंगे उद्धव ठाकरे के 14 विधायक?
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर 2.0' से नई हलचल। दावा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 14 से ज्यादा विधायक शिंदे गुट में जा सकते हैं। दलबदल की अटकलों, कांग्रेस में सेंध की चर्चाओं, उद्धव ठाकरे के पलटवार और फडणवीस-उद्धव की एक साथ उड़ान ने सियासी माहौल गरमा दिया।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़े भूचाल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऐसा माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे को जल्द ही एक और गहरा झटका लग सकता है। राज्य सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल के हालिया दावों ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। उन्होंने इशारा किया है कि 'ऑपरेशन टाइगर 2.0' की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत उद्धव गुट (शिवसेना यूबीटी) के 14 से अधिक विधायक जल्द ही सत्ताधारी खेमे का हिस्सा बन सकते हैं।
यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले यूबीटी के नौ में से छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे के साथ जा चुके हैं। हाल ही में महाविकास अघाड़ी की एक अहम बैठक में 60 में से 23 विधायकों की गैरमौजूदगी ने भी बगावत के इस संदेह को और गहरा कर दिया है, भले ही उद्धव ठाकरे ने बैठक के बाद विपक्ष की जमीनी एकता का दम भरा हो।
दलबदल कानून का गणित और शिंदे की दाढ़ी का इशारा
मौजूदा समय में शिवसेना (यूबीटी) के पास विधानसभा में कुल 20 विधायक बचे हैं। दलबदल विरोधी कानून के फंदे से बचने के लिए किसी भी बागी गुट को दो-तिहाई, यानी कम से कम 14 विधायकों के समर्थन की दरकार होगी। दिलचस्प बात यह है कि इन 20 में से आधे विधायक अकेले मुंबई से आते हैं, जिनमें आदित्य ठाकरे, वरुण सरदेसाई और सुनील राउत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मानसून सत्र के दौरान यूबीटी के कुछ विधायकों की मुख्यमंत्री शिंदे से गुपचुप मुलाकात की खबरों ने आग में घी डालने का काम किया है। मंत्री गुलाबराव पाटिल ने चुटकी लेते हुए यहां तक कह दिया कि मुख्यमंत्री शिंदे ज्यादा बोलते नहीं हैं, बस अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं और उनका 'ऑपरेशन टाइगर' कामयाब हो जाता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आदित्य ठाकरे भी पहले इस तरह के इशारों का जिक्र कर चुके हैं।
कांग्रेस में सेंधमारी की अफवाहों पर सफाई
सिर्फ उद्धव गुट ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेताओं के भी पाला बदलने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता विजय वडेट्टीवार के शिंदे गुट में जाने की अफवाहों पर जब मंत्री उदय सामंत से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति साफ की। सामंत ने माना कि वडेट्टीवार और मुख्यमंत्री शिंदे के बीच गहरी मित्रता है, लेकिन फिलहाल पार्टी बदलने जैसी कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है।
हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि विदर्भ का कोई मजबूत नेता अगर एकनाथ शिंदे के साथ काम करने का फैसला करता है, तो उन्हें बेहद खुशी होगी। उधर, वडेट्टीवार ने खुद सामने आकर इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया और कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी दोहराई।
बागी सांसदों पर उद्धव का पलटवार और एक दिलचस्प हवाई सफर
अपने कुनबे को बिखरने से बचाने और बागियों को सबक सिखाने के लिए शिवसेना (यूबीटी) ने अब बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। यूबीटी नेताओं ने पार्टी छोड़ने वालों की तुलना 50-60 करोड़ रुपये में बिकने वाले गद्दारों से की है। उनका कहना है कि असली क्रांतिकारी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे लोग थे, जबकि ये बागी सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए चुनाव चिह्न का फायदा उठाकर दूसरे गुट में चले गए।
बागी सांसदों के क्षेत्रों में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने के इरादे से उद्धव ठाकरे ने नागपुर से अपने तीन दिवसीय दौरे का आगाज भी कर दिया है। इसी सियासी गहमागहमी के बीच शुक्रवार को एक बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे एक ही विमान में सफर करते नजर आए। इस यात्रा में संजय राउत और आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। इस संयोग से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो ने दलबदल की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल में नई अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।