VHP Meeting Ayodhya: चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद एक्शन में VHP, 7 जुलाई को बुलाई महाबैठक
VHP Meeting Ayodhya: चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब विश्व हिन्दू परिषद (VHP) एक्शन मोड में आ गया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के पूरे घटनाक्रम में क्या फैसला लिया जाए और आगे की रणनीति पर मंथन करने के लिए महाबैठक बुलाई गई है।
VHP Meeting Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण और उसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के घटनाक्रम के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने 7 जुलाई को अयोध्या में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में दोनों इस्तीफों के साथ-साथ ट्रस्ट की आगे की कार्यप्रणाली और हालिया विवादों पर चर्चा होगी। वीएचपी प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर इसी बैठक में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा है। वीएचपी ने मामले की फास्ट ट्रैक जांच, दोषियों को जल्द सजा और मंदिर प्रबंधन के लिए भविष्य में CEO जैसी व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई।
हो चुकी हैं 8 लोगों की गिरफ्तारियां
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच SIT कर रही है। मामले में एफआईआर के बाद 8 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सुरक्षा व वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे हैं। इसी बीच दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे ने पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार, 7 जुलाई को होने वाली बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर औपचारिक निर्णय लिया जाएगा। साथ ही ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श होगा।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि
हालांकि, पिछले 24 घंटों में इस्तीफों को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए थे। कुछ पक्षों ने पहले इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने की बात कही थी, शनिवार को ट्रस्ट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की। लेकिन अब ट्रस्ट की बैठक और VHP के बयान के बाद 7 जुलाई की बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि बैठक का उद्देश्य केवल इस्तीफों पर निर्णय लेना ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट की पारदर्शिता, जवाबदेही और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा करना है। संगठन चाहता है कि राम मंदिर से जुड़े सभी कार्य श्रद्धालुओं के विश्वास और पारदर्शी व्यवस्था के अनुरूप आगे बढ़ें।
राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से भी इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है और उससे जुड़ी किसी भी प्रशासनिक या संगठनात्मक गतिविधि पर पूरे देश की नजर रहती है। ऐसे में 7 जुलाई की बैठक के निर्णय न केवल ट्रस्ट के भविष्य की दिशा तय करेंगे, बल्कि हाल के विवादों पर भी विराम लगाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक के बाद विश्व हिंदू परिषद और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है, जिससे इस्तीफों और ट्रस्ट की आगे की रणनीति पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।