Modi Cabinet Reshuffle: धर्मेंद्र प्रधान की छुट्टी, सीतारमण से छिनेगा वित्त मंत्रालय? कौन-कौन हो सकता है मोदी कैबिनेट से इन-आउट

Modi Cabinet Reshuffle: मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हैं। वित्त, शिक्षा समेत कई अहम मंत्रालयों में बदलाव की चर्चा है। निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी और हरदीप पुरी के विभाग बदलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, शक्तिकांत दास, अनुराग ठाकुर और अन्य नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अटकलें हैं।

Update:2026-06-27 20:31 IST

Modi Cabinet Reshuffle: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से वापस लौटते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। इस बार के बदलाव में कई दिग्गज नेताओं पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं।

वित्त मंत्रालय में बड़े बदलाव की तैयारी

मंत्रिमंडल विस्तार की इन चर्चाओं के बीच सबसे ज्यादा नजरें वित्त मंत्रालय पर टिकी हैं। सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा हरदीप सिंह पुरी, नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर जैसे कद्दावर नेताओं के मंत्रालयों में फेरबदल संभव है। ऐसा माना जा रहा है कि निर्मला सीतारमण से वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को सौंपी जा सकती है।

इसके साथ ही वित्त राज्य मंत्री के पद पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले युवा चेहरे और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा को पंकज चौधरी की जगह यह अहम प्रभार मिल सकता है। दरअसल, पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है, जिसके चलते उनका केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग में हो सकता है नया नेतृत्व

पिछले सात सालों से वित्त मंत्रालय का सफलतापूर्वक जिम्मा संभाल रहीं निर्मला सीतारमण को अब नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनके कार्यकाल में इनकम टैक्स छूट की सीमा को 12 लाख रुपये सालाना तक किए जाने जैसे फैसलों की काफी तारीफ हुई थी। अब उन्हें धर्मेंद्र प्रधान की जगह शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपे जाने की चर्चा जोरों पर है।

हाल ही में हुए नीट पेपर लीक विवाद के कारण मौजूदा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री से उन्हें पद से हटाने की लगातार मांग कर रही हैं, जिसके चलते उनका मंत्रिमंडल से बाहर जाना लगभग तय माना जा रहा है।

इन नए चेहरों की हो सकती है एंट्री

इस बार के कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। शक्तिकांत दास के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की एक बार फिर से कैबिनेट मंत्री के रूप में वापसी हो सकती है। पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिहाज से भी यह विस्तार काफी अहम होगा, क्योंकि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से बगावत करने वाले सुखेंदु शेखर राय को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

वहीं, अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अमृतसर के रहने वाले वरिष्ठ नेता तरुण चुघ की भी मोदी कैबिनेट में एंट्री हो सकती है। पंजाब फतह के लिहाज से पार्टी की यह नियुक्ति रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नीतीश कुमार और अन्य सहयोगियों की भूमिका

सहयोगी दलों को साधने की कवायद में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी मोदी कैबिनेट में कोई बड़ा और अहम मंत्रालय मिलने की अटकलें हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने कुछ समय पहले ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है और उनकी जगह राज्य की कमान सम्राट चौधरी ने संभाली है।

फिलहाल राज्यसभा सांसद के तौर पर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं और उनका केंद्रीय मंत्री बनना एक बड़ा कदम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे को भी मंत्रालय दिया जा सकता है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग क्षेत्र को साधने के लिए वहां से भाजपा सांसद राजू बिस्टा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की पूरी संभावना है।

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