मालेगांव की 'बुर्के वाली मेयर जिसके लिए कांग्रेस-सपा ने कर दिया बड़ा 'खेला'?

मालेगांव की नई मेयर शेख नसरीन खालिद बनी हैं। 84 सदस्यीय मालेगांव नगर निगम में उन्हें 43 वोट मिले, जिससे उन्होंने शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार लता घोडके को हराया।

Update:2026-02-08 11:51 IST

महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव नगर निगम को नई मेयर मिल गई है। शनिवार को हुए चुनाव में ISLAM पार्टी की उम्मीदवार शेख नसरीन खालिद मेयर बनीं। मालेगांव में सिर्फ मेयर ही नहीं, बल्कि डिप्टी मेयर का पद भी एक मुस्लिम महिला को मिला है। समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद निहाल अहमद डिप्टी मेयर चुनी गईं।

चुनाव का परिणाम और वोटिंग

मालेगांव नगर निगम में 84 पार्षद हैं। 15 जनवरी को चुनाव हुए थे, जिसमें सबसे ज्यादा 35 सीटें ISLAM पार्टी ने जीतीं। AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी) को 21, शिवसेना (शिंदे गुट) को 18, समाजवादी पार्टी को 5, कांग्रेस को 3 और बीजेपी को 2 सीटें मिलीं।

मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव जीतने के लिए 43 वोटों की जरूरत थी। शेख नसरीन को 43 वोट मिले ISLAM पार्टी के 35, समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 3। शिवसेना की उम्मीदवार लता घोडके को सिर्फ 18 वोट मिले। डिप्टी मेयर पद के लिए निहाल अहमद को भी 43 वोट मिले। AIMIM और बीजेपी ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

इस तरह से मेयर का पद ISLAM पार्टी को और डिप्टी मेयर का पद समाजवादी पार्टी को गया।

शेख नसरीन कौन हैं?

शेख नसरीन को 'बुर्के वाली मेयर' कहा जा रहा है, क्योंकि स्थानीय चुनाव के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने भविष्य में मुंबई को भी 'बुर्के वाली मेयर' मिलने की बात कही थी।

वह एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शेख नसरीन, कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ शेख की रिश्तेदार हैं और उनके छोटे भाई शेख खालिद की पत्नी हैं। आसिफ शेख ने 2022 में ISLAM पार्टी बनाई थी। उनके पिता शेख राशिद भी कांग्रेस के पूर्व विधायक रह चुके हैं।

मालेगांव पर शेख परिवार का दबदबा

शेख राशिद और उनका परिवार मालेगांव में दशकों से प्रभावशाली रहा है। 2022 के नगर निगम चुनाव के बाद शेख राशिद, उनकी पत्नी ताहिरा और बेटे आसिफ शेख ने कांग्रेस छोड़कर ISLAM पार्टी बनाई। ताहिरा शेख पहले भी मालेगांव की मेयर रह चुकी हैं। शेख नसरीन इस परिवार की तीसरी सदस्य हैं, जो मालेगांव की मेयर बनी हैं।

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