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Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में एनडीए की जीत की संभावना बढ़ी है। एलजेपी के शानदार प्रदर्शन और महागठबंधन के मुकाबले एनडीए के प्रत्याशियों की बढ़त ने चुनावी स्थिति बदल दी।

Update:2025-11-14 13:17 IST

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के अब तक के रुझान के मुताबिक, एक बार फिर से एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) की सरकार बनने की संभावना नजर आ रही है। महागठबंधन के दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन एनडीए के मुकाबले उनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर है। पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार कई बदलाव देखने को मिले हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में, बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसने 19.46 प्रतिशत वोट हासिल कर 74 सीटें जीती थीं। वहीं, नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा और 15.39 प्रतिशत वोट के साथ 73 सीटें जीती थीं। उस समय चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) एनडीए से अलग हो गई थी और उसने 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को सिर्फ एक सीट ही मिली थी।

एनडीए और महागठबंधन के रुझान

लेकिन इस बार एलजेपी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। अब तक के रुझानों के अनुसार, पार्टी 22 सीटों पर आगे चल रही है। 2025 के चुनाव में एनडीए के दलों के बीच सीटों का बंटवारा हुआ था, जिसके तहत बीजेपी और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसके अलावा, जेडीयू ने 29, एचएएम ने 6 और आरएलएम ने 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। अब तक के रुझान के मुताबिक, एनडीए के तहत बीजेपी 85 सीटों पर, जेडीयू 75 सीटों पर, एलजेपी (आर) 22 सीटों पर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) 4 सीटों पर और आरएलएम 2 सीटों पर आगे चल रहे हैं। वहीं, महागठबंधन के दलों में आरजेडी 36 सीटों पर, कांग्रेस 6 सीटों पर, वीआईपी 1 सीट पर, और वामपंथी दलों (सीपीआई, सीपीएम) 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

NDA की शानदार जीत

इस बार महागठबंधन ने आरजेडी के नेतृत्व में 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि कांग्रेस ने 60, सीपीआई माले ने 20, वीआईपी ने 11, और वामपंथी दलों ने कुल 16 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। महागठबंधन के नेता अपनी चुनावी सभाओं में विकास का वादा कर रहे थे, और जनता ने इन वादों पर भरोसा दिखाया है, लेकिन एनडीए के उम्मीदवारों की बढ़त ये साबित करती है कि जनता ने एक बार फिर से उनके नेतृत्व को पसंद किया है। हालांकि, चुनाव के रुझान अभी अंतिम नहीं हैं और परिणामों के बाद स्थिति पूरी तरह साफ होगी, लेकिन अब तक के संकेत यही बताते हैं कि एनडीए सरकार का गठन होने की संभावना अधिक है। इस चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या महागठबंधन के नेता जनता को अपने वादों के जरिए आकर्षित कर पाएंगे, या फिर एनडीए के नेता अपनी सियासी रणनीतियों के जरिए अपनी सत्ता बरकरार रखेंगे। चुनाव के परिणामों के बाद इस सवाल का जवाब मिलेगा।

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