लो भई... मुसलमानों की एक और 'मस्जिद पर खतरा'! सेंट्रल विस्टा के नक्शे से गायब, बौखलाया वक्फ बोर्ड
Kadimi Mosque Delhi Waqf Board: नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर की 100 साल पुरानी कदीमी मस्जिद सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत संकट में। टेंडर और हाईकोर्ट खारिजी के बाद मस्जिद की सुरक्षा पर सवाल।
Kadimi Mosque Delhi Waqf Board: नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर में 100 साल से अधिक पुरानी कदीमी मस्जिद का अस्तित्व अब संकट में दिखाई दे रहा है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा हाल ही में जारी किए गए टेंडर और दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज किए जाने के बाद मस्जिद को हटाए जाने की आशंका बढ़ गई है। यह मस्जिद न सिर्फ ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि दिल्ली की पुरानी विरासत का भी हिस्सा है।
कोर्ट की खारिजी और केंद्र का आश्वासन
2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें कृषि भवन और मस्जिद सहित छह धार्मिक स्थलों को सुरक्षा देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा था कि यदि परियोजना में वक्फ संपत्ति पर खतरा महसूस होता है, तो बोर्ड दोबारा याचिका दाखिल कर सकता है। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया था कि किसी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं होगा और मस्जिद सुरक्षित रहेगी।
टेंडर में मस्जिद का नया खतरा
हालांकि हाल के टेंडर दस्तावेजों में मस्जिद को हटाने की सूची में स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है, लेकिन टेंडर के साथ संलग्न ड्रॉइंग्स में मस्जिद को नए प्रस्तावित भवन में उसके मौलिक स्थान पर नहीं दिखाया गया है। CPWD ने कृषि भवन और शास्त्री भवन के स्थान पर कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) की इमारतें 4 और 5 बनाने के लिए टेंडर जारी किया है, जिसकी अनुमानित लागत 3,006.07 करोड़ रुपये है और इसे 24 महीने में पूरा किया जाना है।
वक्फ बोर्ड और इमाम का विरोध
कदीमी मस्जिद का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों द्वारा नमाज अदा करने के लिए होता है। वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान का कहना है कि सरकार ने अदालत में मस्जिदों को प्रभावित नहीं करने का आश्वासन दिया था। अगर इसे ध्वस्त किया गया, तो यह गलत होगा।
सेंट्रल विस्टा परियोजना और धरोहर का संकट
सेंट्रल विस्टा परियोजना में पहले उपराष्ट्रपति के पूर्व निवास परिसर की मस्जिद और एक मंदिर को भी हटाया जा चुका है। अब कृषि भवन की कदीमी मस्जिद पर संकट मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मस्जिद को हटा दिया गया, तो दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बड़ा नुकसान होगा।