NEET लीक का दिल्ली-राजस्थान कनेक्शन, स्कैन कर बनाई PDF, 30 लाख में मेडिकल सीट का सौदा!
NEET Paper Leak 2026: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ NSUI का प्रदर्शन.
NEET Paper Leak 2026: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच गुजरात के अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के काफिले को रोकने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस मामले की जांच अब CBI कर रही है और एजेंसी ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को कई संदिग्धों से करीब 24 घंटे तक पूछताछ की गई थी। कोर्ट ने आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है और अब उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा।
राजस्थान और हरियाणा से जुड़े तार
CBI ने राजस्थान और हरियाणा से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के सीकर निवासी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के दिनेश बिंवाल और उनका बेटा विकास बिंवाल शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनार को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शुभम खैरनार ने ही यश यादव को पेपर उपलब्ध कराया था। इसके बाद पेपर राजस्थान तक पहुंचाया गया। सूत्रों का दावा है कि छात्रों से पेपर दिलाने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे।
स्कैन कर बनाई गई थी PDF
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF बनाई और उसे छात्रों तक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि विकास बिंवाल के पिता दिनेश बिंवाल ने पेपर को स्कैन करने में अहम भूमिका निभाई थी। CBI को जानकारी मिली है कि पेपर राजस्थान के सीकर जिले के कुछ कोचिंग सेंटरों तक पहुंचाया गया था। वहां पढ़ने वाले छात्रों के बीच यह प्रश्नपत्र वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि परीक्षा से एक दिन पहले वायरल हुए प्रश्न बैंक में मूल पेपर के 180 में से करीब 150 सवाल हूबहू थे।
दिल्ली में फर्जी एडमिशन गिरोह का खुलासा
NEET विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का भी खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक डॉक्टर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल का नाम भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि वही इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है। आरोप है कि गिरोह मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों से 20 से 30 लाख रुपये तक वसूलता था।
NTA ने रद्द की परीक्षा
12 मई को National Testing Agency ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंप दी गई। एजेंसी ने कई राज्यों में छापेमारी कर पूछताछ की और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अब NTA पर भरोसा नहीं बचा है।
पहले भी विवादों में रह चुकी है NEET परीक्षा
NEET परीक्षा पहले भी विवादों में रह चुकी है। साल 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसके बाद बिहार और झारखंड में जांच हुई थी। हालांकि, उस समय सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था। अब 2026 में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।