Rajnath Singh Statement: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान, दुश्मन को उसके घर में घुसकर देंगे जवाब

Rajnath Singh Statement: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। भारत अब दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देता है।

Update:2026-05-14 16:40 IST

Rajnath Singh

Rajnath Singh Statement: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने तो इतिहास ही बदल दिया। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के प्रति एक बार फिर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए बताया है कि आतंकवाद को लेकर भारत जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक व बालाकोट एयर स्ट्राइक का उदाहरण दिया।

रक्षा मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय सेना आतंकवादियों को सीमा पार जाकर भी मार सकती है। गुरुवार को रक्षामंत्री ने कहा, “हमने दुनिया को साफ संदेश दिया है, कि आतंकवाद के खिलाफ अब हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। हमने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक करके दिखा दिया, कि भारत की सेना सीमा पार जाकर भी आतंकियों को मार सकती है। 2019 में हमारे बालाकोट एयरस्ट्राइक ने, आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप को तबाह किया। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर ने तो जैसे इतिहास ही बदल दिया। ऑपरेशन सिंदूर में हमने ऐसा करारा जवाब दिया कि दुश्मन के होश ही उड़ गए।”

गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजस्थान में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे जवान, देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, ठीक उसी तरह से, हमारी सरकार भी, योजनाओं के मामले में, उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, पिछले दस वर्षों में, भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव किया है उन्होंने कहा, “हमने साबित किया है कि अब भारत चुपचाप सहने वाला देश नहीं रहा। अब अगर कोई हमारे नागरिकों पर हमला करेगा, तो हम उसे उसके घर में घुसकर जवाब देंगे। कोई सीमा हमें रोक नहीं सकती, कोई सरहद बाधा नहीं बन सकती।”

उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर महिला सुरक्षा के सख्त कानूनों तक, सरकार हर स्तर पर नारी शक्ति को सशक्त कर रही है। राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने तो महिलाओं को, उनका राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए, उनको 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का भी पूरा प्रयास और प्रबंध किया था। लेकिन विपक्ष के हमारे साथियों के विरोध के कारण, ऐसा नहीं हो सका।”

इस विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह यह बताना चाहते हैं कि वह बिल केवल एक बिल भर नहीं था, बल्कि वह हमारी सामूहिक इच्छा का एक परिचायक था। उन्होंने कहा कि बिल एक बार को भले ही सदन के मैदान में विफल हो जाए, हमारी इच्छा को कभी कोई विफल नहीं कर सकता है। हमारी इच्छाशक्ति और मजबूत हुई है। रक्षामंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है, कि वह दिन जल्द आएगा, जब हम महिलाओं को उनका राजनीतिक अधिकार दिला कर रहेंगे।

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