NEET Case Meeting: नीट केस को लेकर राजनाथ सिंह के आवास पर अहम बैठक, शीर्ष अधिकारी शामिल

NEET Case Meeting: NEET पेपर लीक मामले पर बड़ा अपडेट सामने आया है। राजनाथ सिंह के घर हाई-लेवल बैठक हुई, जिसमें NTA और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

Update:2026-05-28 14:09 IST

NEET Case Meeting

NEET Case Meeting: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर हो गया है। इसी मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक महत्वपूर्ण हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। यह बैठक विशेष रूप से NEET-UG परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की जांच और समाधान पर केंद्रित है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों की चिंताओं को दूर करना है।

NTA डायरेक्टर जनरल को विशेष रूप से तलब किया गया

विवाद के केंद्र में रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह को इस बैठक में विशेष रूप से बुलाया गया। उनके साथ पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने परीक्षा संचालन में हुई गड़बड़ियों और छात्रों की शिकायतों पर सीधा फीडबैक लिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। लगातार हो रहे छात्र आंदोलन और विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार ने उच्च स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है।

अब तक 10 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी (NEET Paper Leak News)

CBI इस मामले की जांच कर रही है और अब तक 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कई कोचिंग संस्थानों से जुड़े शिक्षक और प्रोफेशनल शामिल हैं। जांच में पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इसके अलावा लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और अन्य लोग भी जांच के घेरे में हैं।

कैसे सामने आया पूरा मामला (NEET Paper Leak)

CBI की जांच के अनुसार, पी.वी. कुलकर्णी पहले NTA के साथ सब्जेक्ट ऑब्जर्वर के रूप में जुड़े हुए थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी पहुंच और सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर प्रश्न पत्र तक पहुंच बनानी शुरू की। आरोप है कि धीरे-धीरे इस नेटवर्क ने पेपर लीक कर उसे कोचिंग संचालकों और कुछ छात्रों तक पहुंचाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क परीक्षा की गोपनीयता भंग करने में शामिल था।

सरकार का फोकस पारदर्शिता पर (NEET Paper Meeting)

सरकार अब इस मामले को केवल जांच तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की दिशा में भी कदम उठा रही है। बैठक में भविष्य की परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई है।

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