'जनसुराज बंद कर दूंगा, लेकिन ...', किस सवाल पर प्रशांत किशोर ने किया बड़ा ऐलान?

Prashant Kishor Interview: बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जन सुराज पार्टी बंद कर देंगे, लेकिन बिहार के मौजूदों दो छात्रपों से कभी समझौता नहीं करेंगे। साथ ही बीजेपी की हार और बिहार की राजनीति पर भी खुलकर बोले।

Update:2026-08-04 13:34 IST

Prashant Kishor Interview: बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। एक बड़े न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए वह कभी भी अपने वसूलों से समझौता नहीं करेंगे। यानी वह कभी भी वैचारिक रूप से भिन्नता रखने वॉलों से सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे। वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह जन सुराज पार्टी बंद करना पसंद करेंगे, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।

'हार मंजूर, लेकिन समझौता नहीं'

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर उन्हें सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव में से किसी एक के साथ जाना होता, तो वह पहले ही ऐसा कर चुके होते। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए नहीं है।

उन्होंने कहा, "हम विधायक बनकर ठेका-पट्टा कमाने नहीं आए हैं। हार मंजूर है, जन सुराज बंद करना भी मंजूर है, लेकिन समझौता नहीं करेंगे।"

'ये पीएम मोदी के लिए वेक-अप कॉल'

बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के गढ़ में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री के लिए 'वेक-अप कॉल' बताते हुए कहा कि बिहार को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर काम करे।

प्रशांत किशोर ने कहा, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वेक-अप कॉल है। बिहार को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो शिक्षा में सुधार करे, रोजगार पैदा करे और पलायन रोके। हमारा उद्देश्य ठेके लेने के लिए विधायक बनना नहीं, बल्कि बिहार का विकास सुनिश्चित करना है।"

बीजेपी की हार पर क्या बोले?

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पार्टी की अपनी रणनीतिक गलतियों का परिणाम है। उनके मुताबिक, बीजेपी ने जनता को हल्के में लिया और कई ऐसे फैसले किए, जिनका नुकसान उसे चुनाव में उठाना पड़ा।

उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर के नतीजों ने यह संकेत दिया है कि बिहार की जनता ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया।

'मोदी के नाम पर हमेशा वोट नहीं मिलेगा'

प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी को यह नहीं मान लेना चाहिए कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे या लालू यादव के डर के आधार पर जनता हमेशा उसे वोट देती रहेगी।

उन्होंने कहा कि जब मतदाताओं को बेहतर विकल्प मिलता है तो वे बिना देर किए अपना फैसला बदल देते हैं।

'जनता ने अहंकार का जवाब वोट से दिया'

उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कुछ नेताओं के उन बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि किसी को भी उम्मीदवार बना दिया जाए तो चुनाव जीत जाएगा।

प्रशांत किशोर के अनुसार, ऐसे बयानों ने मतदाताओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई और जनता ने मतदान के जरिए उसका जवाब दिया।

बांकीपुर के लिए किया बड़ा वादा

अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर प्रशांत किशोर ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से जुड़े किसी भी काम में भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी वादा किया कि यदि एक वर्ष के भीतर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो गरीब परिवारों के बच्चों की निजी अंग्रेजी स्कूलों की पढ़ाई का खर्च वह स्वयं उठाएंगे।

इसके अलावा उन्होंने बांकीपुर के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने की बात भी कही।

जातीय राजनीति पर क्या कहा?

जातीय समीकरणों के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जब जनता के सामने मजबूत उम्मीदवार और ठोस मुद्दे होते हैं, तब मतदाता जाति से ऊपर उठकर फैसला लेते हैं।

उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में सभी वर्गों और जातियों के लोगों ने उन्हें समर्थन दिया।

'बिहार के लोगों की आवाज बनना चाहता हूं'

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सत्ता पक्ष या विपक्ष का चेहरा बनना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र शिक्षा, रोजगार, पलायन रोकना और बिहार का विकास है तथा वह बिहार के आम लोगों की आवाज बनना चाहते हैं।

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