'बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रही कांग्रेस', संसद मार्ग थाने पर राहुल गांधी के धरने पर JP Nadda का बड़ा हमला

Rahul Gandhi Dharna: संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी के धरने पर JP Nadda ने हमला बोला। नड्डा ने इसे सस्ती राजनीति बताया। जानें Sahil Lochav FIR और Supreme Court कमेटी का पूरा अपडेट।

Update:2026-08-21 18:31 IST

Rahul Gandhi Dharna: संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के धरने को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके प्रदर्शन को ‘सस्ती और सुर्खियां बटोरने वाली राजनीति’ करार दिया। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब बच्चों और छात्रों के भविष्य को भी बर्बाद करने पर तुली है।

राहुल गांधी शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और छात्र साहिल लोचव के साथ संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे। साहिल ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस की मांग थी कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए।

एफआईआर पर आया बड़ा अपडेट:

शुक्रवार शाम की रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस द्वारा साहिल लोचव की पेलेट गन चोट संबंधी शिकायत पर एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई। यह घटनाक्रम राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने के कुछ घंटे बाद सामने आया। राजनीतिक विवाद बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने कुछ ही घंटों में साहिल की पेलेट गन इंजरी पर FIR दर्ज कर लिया। यह राहुल गांधी और कॉंग्रेस पार्टी की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा सकता है।

नड्डा बोले- कैमरे के सामने ड्रामा कर रहे राहुल गांधी

जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के प्रदर्शन को निशाना बनाते हुए कहा कि जनता उनके ‘हिट एंड रन’ रवैये और राजनीतिक पाखंड को पहचान चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी का प्रदर्शन न छात्रों के लिए है और न न्याय के लिए, बल्कि मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।

नड्डा ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई की घटना को लेकर पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित कर दी है, तो राहुल गांधी पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देकर क्या साबित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत मामले की जांच कर रही है और ऐसे में राहुल गांधी का कैमरों के सामने प्रदर्शन करना केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश है।

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी का दिया हवाला

सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई कथित हिंसा के आरोपों की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित की है। कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं।

कमेटी में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश शालिंदर कौर, पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एलआर बिश्नोई शामिल हैं।

वंदे मातरम् विवाद से ध्यान भटकाने का आरोप

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को वंदे मातरम् विवाद से भी जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में हो रही आलोचना से ध्यान हटाने के लिए नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर रही है।

नड्डा ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी को इस मुद्दे पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस बोली- हमारी मांग सिर्फ एफआईआर है

वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहाकि पार्टी की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पुलिस को साहिल लोचव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए और उसका नंबर देना चाहिए।

रमेश के मुताबिक, साहिल ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक नई एफआईआर दर्ज नहीं होती, राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संसद मार्ग थाने के बाहर से नहीं हटेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम ने 20 जुलाई के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। एक तरफ बीजेपी सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी की जांच का हवाला दे रही है, वहीं कांग्रेस सीधे पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की मांग पर अड़ी हुई है।

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