जंतर-मंतर पर आज आरक्षण विरोधी प्रदर्शन? दिल्ली पुलिस ने दी सीधी चेतावनी, कहा- '5 से ज्यादा जुटे तो...'

Delhi Police on Reservation Protest: जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दावों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा अपडेट दिया है। BNSS की धारा 163 लागू है और 5 या उससे अधिक लोगों के जुटने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Update:2026-08-21 16:23 IST

Delhi Police on Reservation Protest: देश की राजधानी नई दिल्ली में 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर होने वाले आरक्षण विरोधी प्रदर्शन की खबरों पर विराम लग गया है। इंटरनेट पर चल रहे उन तमाम दावों को खारिज करते हुए पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के जुलूस या सभा की मंजूरी नहीं दी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो को पूरी तरह भ्रामक और मनगढ़ंत बताते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पहरा कड़ा कर दिया गया है।

धारा 163 लागू, 5 से ज्यादा लोग दिखे तो कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक विस्तृत बयान जारी किया है। बयान में साफ तौर पर बताया गया कि पूरी नई दिल्ली सीमा क्षेत्र में पहले से ही बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू की जा चुकी है। इस सख्त नियम के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक नागरिकों का एक साथ जमा होना, जुलूस निकालना या नारेबाजी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जंतर-मंतर आंदोलन की फर्जी खबरें और मनगढ़ंत वीडियो पोस्ट करने वालों को भी पुलिस ने आड़े हाथों लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी सामग्री को फॉरवर्ड या शेयर न करें। अफवाहें गढ़ने और उन्हें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।

डिजिटल कैंपेन से जमीनी प्रदर्शन का चक्रव्यूह

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 'रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन' नाम के एक प्रसिद्ध इंस्टाग्राम पेज ने 21 अगस्त को दोपहर 2 बजे जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर जुटने की अपील की थी। इस ऑनलाइन ग्रुप ने युवाओं को लामबंद करने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के तरीकों को अपनाया था। इस डिजिटल मुहिम ने देखते ही देखते इंटरनेट पर भारी हलचल मचा दी और बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के ही जमीन पर बड़े स्तर के विरोध की योजना तैयार कर ली गई।

पुराने विवाद से सहमी सुरक्षा एजेंसियां

सुरक्षाबल इस मामले में कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। दरअसल पिछले महीने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले हुए उग्र प्रदर्शन ने लुटियंस दिल्ली में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था। उस दौरान 20 जुलाई को संसद तक निकालने वाले 'संसद चलो' मार्च को पुलिस ने गैर-कानूनी करार देकर रोक दिया था।

संसद से लेकर सड़क तक सियासी घमासान

पिछली बार जब आक्रोशित छात्र सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़े थे, तो पुलिस को उन्हें काबू में करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा था। उस वाकये के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए थे। संसद के मानसून सत्र में भी विपक्षी दलों ने सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग और हिंसक कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा था। इसी कड़वे अनुभव से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस इस बार किसी भी असंपादित भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए शुरुआत से ही सख्त रणनीति पर काम कर रही है।

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