स्कूल देखने पहुंची CJP टीम को ग्रामीणों ने क्यों दौड़ाया? महिला ने खोला चौंकाने वाला राज, जयपुर में भारी बवाल!
Women on Rajasthan CJP Attack: जयपुर के बगरू में सरकारी स्कूल देखने पहुंची CJP टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। स्थानीय महिला अन्नू शर्मा ने दावा किया कि ग्रामीण स्कूल गिराए जाने की आशंका से नाराज थे।
Women on Rajasthan CJP Attack: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में उस समय अचानक हंगामा मच गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम को स्थानीय निवासियों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। सरकारी प्राथमिक विद्यालय का दौरा करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ न केवल धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, बल्कि उन्हें इलाके से बाहर भी खदेड़ दिया गया। इस पूरे ड्रामे के बीच एक स्थानीय महिला अन्नू शर्मा का चौंकाने वाला बयान सामने आया है, जिसने इस भिड़ंत की असली वजह को उजागर कर दिया है।
'स्कूल गिराने आए थे सीजेपी वाले, इसलिए बढ़ा विवाद'
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए गांव की रहने वाली अन्नू शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि सीजेपी के कार्यकर्ता पढ़ाई का ढांचा सुधारने नहीं, बल्कि उनके बच्चों के एकमात्र विद्यालय को ध्वस्त करने के इरादे से आए थे। उन्होंने बताया कि इस प्राथमिक विद्यालय में आसपास के मोहल्ले के करीब 20 से 25 छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। अगर इस इमारत को नुकसान पहुंचाया जाता है या इसे बंद कराया जाता है, तो इन मासूमों के भविष्य का क्या होगा? महिला ने शिकायत की कि इमारत की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है, लेकिन इसका समाधान इसे तोड़ना बिल्कुल नहीं है।
'बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट हुए ग्रामीण'
स्थानीय महिला के अनुसार, सीजेपी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया था। उन्होंने बताया कि कई बच्चे तो पहले से ही दूर-दराज या दूसरों के मकानों में जाकर पढ़ने को मजबूर हैं। ऐसे में गांव वाले अपने बच्चों के स्कूल को किसी भी कीमत पर ध्वस्त नहीं होने देना चाहते थे। अन्नू शर्मा ने खुलासा किया कि पहले कार्यकर्ताओं को शांति से लौटने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब वे अपनी जिद पर अड़े रहे और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, तब कहासुनी बढ़ गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
बैरिकेडिंग करके रास्ते पर रोका, जमकर हुई नारेबाजी
यह पूरी घटना रामपुरा-कंवरपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास घटी। कार्यकर्ताओं के पहुंचने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर बल्लियां और बैरिकेड लगा दिए थे। बाहर से आने वाली हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही थी। जैसे ही आशुतोष रांका और उनके साथी वहां पहुंचे, ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया। तीखी बहस के बाद माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यकर्ताओं को उल्टे पांव भागना पड़ा। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर धरने पर बैठकर सीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस प्रशासन ने घटना की जानकारी से किया इंकार
इस पूरे घटनाक्रम और बवाल के बावजूद स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बगरू क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) धर्मेंद्र शर्मा ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी हिंसक झड़प या मारपीट की घटना की कोई सूचना या आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और स्थानीय लोग अपने बच्चों के स्कूल की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहे हैं।