'56 साल की उम्र में युवाओं के नेता!' राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा तंज, धरने को बताया 'पॉलिटिकल ड्रामा'
Smriti Irani Slams Rahul Gandhi Dharna: राहुल गांधी के धरने पर स्मृति ईरानी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए इसे 'पॉलिटिकल ड्रामा' बताया और 56 साल की उम्र में युवाओं का नेता बनने पर तंज कसा।
Smriti Irani Slams Rahul Gandhi Dharna: देश की राजधानी नई दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन के बाहर चल रहा सियासी ड्रामा अब एक नए मोड़ पर आ पहुंचा है। 20 जुलाई को संसद की तरफ बढ़े युवा प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पेलेट गन चलाए जाने के मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार धरने पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए राहुल गांधी की नीयत और संजीदगी पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंटरनेट पर वायरल वीडियो से खुली पोल!
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक विशेष बातचीत के दौरान कहा कि इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर कोई भी समझ सकता है कि राहुल गांधी इस पूरे मामले को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने दावा किया कि वायरल क्लिप्स में कई नागरिकों ने यह दिखाया है कि राहुल गांधी धरने के दौरान हंस रहे हैं, टॉफियां उछाल रहे हैं और लोगों की तरफ इशारे करने में व्यस्त हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं और आम इंटरनेट यूज़र्स ने इस पूरे घटनाक्रम को महज़ एक 'प्योर पॉलिटिकल ड्रामा' यानी शुद्ध राजनीतिक नौटंकी करार दिया है।
'सुप्रीम कोर्ट और पुलिस पर देश को भरोसा'
जब स्मृति ईरानी से पीड़िता के मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने और जांच अधिकारी तैनात करने की मांग पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच जारी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने नीट (NEET) पर्चा लीक मामले और युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए एक कमेटी के गठन का फैसला सुनाया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि देश की जनता को सुप्रीम कोर्ट, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की जांच क्षमताओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए खाकी वर्दी पहने जवानों और पुलिस बल की छवि को धूमिल करना बिल्कुल गलत है।
बिहार में हुई फायरिंग पर दिया सीधा जवाब
बातचीत के दौरान जब उनसे बिहार की उस घटना पर सवाल किया गया, जहां राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर पुलिसकर्मी द्वारा एके-47 (AK-47) से हवाई फायर किए जाने की बात स्वीकार की है, तो उन्होंने पारदर्शिता का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को कुछ छिपाना होता, तो वह सुप्रीम कोर्ट के सामने इतना साफ रुख नहीं अपनाती। उन्होंने दोहराया कि जांच पूरी होने दी जाए, क्योंकि सुरक्षाबल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ही तैनात किए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को देश में अशांति फैलाने के लिए भड़काया जा रहा था, जिसका सच जांच पूरी होने पर सामने आ जाएगा।
'फौज का अपमान करना राहुल का एजेंडा'
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सुरक्षा बलों और भारतीय सेना का अपमान करना राहुल गांधी के एजेंडे में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठकर सेना या पुलिस बल के चरित्र पर सवाल उठाता है या उनका अनादर करता है, तो इससे देश के जवानों का मनोबल टूटता है।
'वरिष्ठ नागरिक बनने से 3 साल दूर हैं राहुल'
जब स्मृति ईरानी से यह पूछा गया कि क्या केंद्र सरकार को प्रदर्शन कर रही 'जेन-जी' (Gen Z) यानी नई युवा पीढ़ी से बड़ी चुनौती मिल रही है, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बलों और सेना के जवान भी इसी युवा पीढ़ी का हिस्सा हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि जो व्यक्ति 56 साल का हो चुका है और वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) बनने से महज 3 साल दूर है, वह खुद को युवाओं का प्रतिनिधि होने का दावा करता है।
मामले में लगातार जारी है घमासान
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल की बात से पूरी तरह इनकार किया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटा दिया था, जिसके बाद यह आंदोलन समाप्त हुआ था। लेकिन अब एफआईआर (FIR) की मांग को लेकर छिड़ा यह सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है।