Justice For Daughter: ममता बनर्जी मेरी दुश्मन क्योंकि... न्याय मिलने तक बालों में कंघी नहीं, रेप पीड़िता की मां ने 'दीदी' पर लगाया आरोप

Justice For Daughter: रत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई विधानसभा और कोर्ट दोनों स्तरों पर तेज कर दी है।

Update:2026-05-15 12:14 IST

Justice For Daughter

Justice For Daughter: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई छात्रा की हत्या के मामले में पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने न्याय की मांग को और तेज कर दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कसम खाई थी कि अपनी बेटी को न्याय मिलने तक वह बालों में कंघी नहीं लगाएंगी। अब जब वे विधायक बन चुकी हैं, तो उन्होंने अपनी लड़ाई को नए मोड़ पर ले जाया है।

गुरुवार को रत्ना देबनाथ ने कहा, "मैंने कल अपनी शपथ ली। आज मुझे कुछ दस्तावेज जमा करने थे। मैं यहां वही करने आई हूं। सब कुछ ठीक है। मेरी बेटी इस जंग में हमेशा मेरे साथ है। मैं उसके बिना कुछ नहीं कर सकती।" उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कहा कि वे कुछ नहीं कहना चाहतीं, और अगर ममता बनर्जी चाहें तो वे कोर्ट जा सकती हैं।

कसम और विरोध

रत्ना ने 9 अप्रैल को कंघी नहीं करने की कसम खाई थी। उन्होंने कहा, "मेरी सबसे बड़ी दुश्मन ममता बनर्जी हैं क्योंकि वह उस समय स्वास्थ्य मंत्री थीं और मेरी बेटी स्वास्थ्य विभाग में काम करती थी। ममता बनर्जी ने मेरी बेटी को क्यों नहीं बचाया? मैंने कसम खाई है कि जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलता, मैं बालों में कंघी नहीं लगाऊंगी।"

नबन्ना में लाठीचार्ज से सेल्फी तक का सफर

रत्ना देबनाथ ने बताया कि उनकी लड़ाई में एक अहम मोड़ तब आया जब वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शामिल होने मंगलवार को राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं। उन्होंने कहा, "मुझे पिछली सरकार के दौरान पुलिस लाठीचार्ज का सामना याद आया। लेकिन इस बार नबन्ना के गेट पर तैनात कोलकाता पुलिस के कर्मचारी मेरे साथ सेल्फी लेना चाहते थे और मुझे अंदर तक ले गए।"

कोर्ट में नई याचिका

सियालदाह कोर्ट में पीड़िता के माता-पिता ने नया आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने पूर्व विधायक निर्मल घोष, सोमनाथ दास और टीएमसी पदाधिकारी संजीव मुखोपाध्याय का नाम लिखा है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इन लोगों को गिरफ्तार किया जाए और पुलिस हिरासत में पूछताछ की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से शव को निकाल कर अंतिम संस्कार कर दिया और पोस्ट-मॉर्टम को रोकने की कोशिश की।

चुनाव में बड़ी जीत

4 मई को घोषित नतीजों में रत्ना देबनाथ ने पनीहाटी सीट पर तृणमूल कांग्रेस को 28 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। उन्हें कुल 87,977 वोट मिले, जबकि TMC प्रत्याशी तीर्थांकर घोष को 59,141 वोट ही मिले। तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः लेफ्ट के कलातन दासगुप्ता और सुभाष भट्टाचार्य रहे।

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