साल की सबसे बड़ी गुड न्यूज़!... 6 साल सबसे कम हुई महंगाई! सब्जी-दाल के साथ इन चीज़ों में भारी गिरावट

Retail Inflation: इस गिरावट का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई भारी कमी है।

Update:2025-07-14 18:17 IST

Retail Inflation (photo credit: social media)

Retail Inflation: देश की जनता के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी आयी है। अब करीब 6 सालों बाद महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। जून 2025 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) कम होकर मात्र 2.10% रह गई, जो पिछले 6 सालों का सबसे कम स्तर है। सरकार द्वारा आज 14 जुलाई को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में यह दर 2.82% थी। इस गिरावट का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई भारी कमी है।

सब्जी-दाल के साथ कई चीजें हुईं सस्ती

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, खाद्य महंगाई में बड़ी कमी देखी गयी है। दालें, सब्जियां, दूध, मांस-मछली, मसाले, चीनी और मिठाई जैसी चीजों के दामों में कमी आई है। इससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है और बाजार में वस्तुओं की मांग भी स्थिर बनी हुई है।

साल 2019 के बाद सबसे कम CPI

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर में 72 बेसिस पॉइंट्स की भारी कमी दर्ज की गई है। यह जनवरी 2019 के बाद सबसे कम CPI दर्ज किया गया है। यही नहीं, यह निरंतर पांचवां महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के लक्ष्य से नीचे रही है। देश में खुदरा महंगाई लगातार 8वें महीने RBI की 6% की अपर लिमिट से भी कम बनी हुई है।

ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए भी राहत भरी खबर

जून के महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर -0.92% और शहरी क्षेत्रों में -1.22% दर्ज की गई। इसका अर्थ है कि देश के सभी हिस्सों में महंगाई नियंत्रण में रही है।

RBI का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी महंगाई के रुझान को देखते हुए इस साल अब तक तीन बार रेपो रेट में कटौती की है। जून के महीने की MPC बैठक के बाद रेपो रेट कम करके 5.5% कर दिया गया। साथ ही RBI ने FY26 के लिए CPI पूर्वानुमान को भी 4% से घटाकर 3.70% कर दिया है।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय ?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार की तरफ से खाद्य भंडारण और वितरण में सुधार, तथा आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने की कोशिशों का सकारात्मक प्रभाव महंगाई पर देखने को मिल रहा है। इससे न सिर्फ आमजन को राहत मिली है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिली है।

बता दे, महंगाई में आई यह ऐतिहासिक कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहतभरी खबर है। यदि यही रुझान जारी रहता है तो आगामी महीनों में उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ और हल्का हो सकता है।

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