राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अधिवेशन में जयंत चौधरी फिर बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

Rashtriya Lok Dal: अध्यक्ष चुने जाने के बाद जयंत चौधरी ने मंच से सभी प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, वे आने वाले तीन वर्षों तक इसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे।

Update:2025-11-16 17:37 IST

Rashtriya Lok Dal News: राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) का राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को कोसीकलां की अनाज मंडी में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए पार्टी के विधायकों, प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संगठन की भविष्य की दिशा और रणनीति पर विस्तृत विमर्श किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद 

अध्यक्ष चुने जाने के बाद जयंत चौधरी ने मंच से सभी प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, वे आने वाले तीन वर्षों तक इसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है, राष्ट्रीय लोकदल को आगे बढ़ाने के लिए वह पूरी क्षमता से कार्य करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि पार्टी में नेतृत्व निर्माण की प्रक्रिया हमेशा सक्रिय रहनी चाहिए, ताकि आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में एक नया और सक्षम नेता सामने आए।

अधिवेशन में प्रदेश अध्यक्षों ने हिस्सा लिया

जो पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा दे पाएं। अधिवेशन में देश के 14 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने हिस्सा लिया और संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा करते हुए लोगों तक आरएलडी की नीतियों और जनहितैषी कार्यक्रमों को व्यापक रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। मंच से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी कई प्रस्ताव पारित किए गए। पाकिस्तान द्वारा लगातार हो रहे बम धमाकों की कड़ी निंदा करते हुए अधिवेशन में एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है, भारत की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके अलावा केंद्र सरकार के कौशल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं को मिले, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर पाएं। अधिवेशन के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को नई दिशा देने तथा आगामी समय में पार्टी को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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