Supreme Court Street Dog Order: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोगों ने जताई खुशी, बोले- स्ट्रीट डॉग पर नियंत्रण जरूरी
Supreme Court Street Dog Order: सुप्रीम कोर्ट के स्ट्रीट डॉग मामले में फैसले के बाद लोगों ने राहत जताई। ग्रेटर नोएडा समेत कई शहरों में लोगों ने नियंत्रण की जरूरत बताई, जबकि मेनका गांधी ने फैसले पर नाराजगी जाहिर की।
Supreme Court Street Dog Order (Image Credit-Social Media)
Supreme Court Street Dog Order: स्ट्रीट डॉग के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में बहस तेज हो गई है। आम लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि स्ट्रीट डॉग के लिए एक सामूहिक केंद्र बनाया जाना चाहिए, जहां उनके रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था हो सके।
ग्रेटर नोएडा के कई लोगों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से काफी खुश हैं और इससे लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में स्ट्रीट डॉग को लेकर बहुत सारे झगड़े होते हैं। डॉक्टरों के पास भी रेबीज के इंजेक्शन के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी होती है।
स्ट्रीट डॉग से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर एक डॉग लवर ने कहा, "पशु प्रेमियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले में ताजा जानकारी यह है कि आज सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर रोक लगा दी है, और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का पिछला आदेश ही लागू रहेगा।"
वहीं, दूसरी ओर पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की अध्यक्ष मेनका गांधी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई।
मेनका गांधी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग के मामले में हार मान ली है।" उन्होंने कहा कि कोर्ट ने पहले देशभर में एबीसी सेंटर खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन जब इन सेंटरों को सही तरीके से नहीं खोला गया और व्यवस्था लागू नहीं हुई, तो अब कोर्ट ने सख्त फैसला लिया है।
मेनका गांधी ने कहा, "दिल्ली में हमने 10 एबीसी सेंटर बंद कर दिए हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट केवल इतना कह देता कि एबीसी सेंटर नहीं खोलने वाले नगर निगम कमिश्नरों के खिलाफ कार्रवाई होगी तो पूरे देश में सेंटर खुल जाते।"
उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में केवल 16 एनजीओ ही ऐसे हैं जिन्हें सही ट्रेनिंग मिली हुई है, जबकि करीब 780 जगहों पर नकली एनजीओ काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यही सबसे बड़ी समस्या है।
मेनका गांधी ने पोलियो अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने पोलियो खत्म करने के लिए लगातार 15 साल तक हर हफ्ते 700 करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्ट्रीट डॉग की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कितना पैसा लगाया है।
उन्होंने कहा, "आपने स्ट्रीट डॉग के मामलों में एक रुपया भी नहीं डाला। अगर सरकार इस पूरे प्रोग्राम में 700 करोड़ रुपए लगा दे तो फर्क साफ दिखाई देगा।"
मेनका गांधी ने सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "अगर रोज 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है तो क्या हम वाहन बंद कर देंगे?"