Sujit Bose Arrested: SC के आदेश के बाद सुजीत बोस पर बड़ा एक्शन! गिरफ्तारी से बंगाल में बढ़ा विवाद, 10 घंटे तक चली पूछताछ
TMC Leader Sujit Bose Arrested: इन घटनाओं के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
Sujit Bose Arrested
TMC Leader Sujit Bose Arrested: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस वक़्त चरम पर है। केंद्रीय जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई ने राज्य की सियासत में ज़बरदस्त हलचल मचा रखी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मालदा हिंसा मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भी अलग-अलग मामलों में बेहद सक्रिय नजर आ रही हैं। इन घटनाओं के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
मालदा हिंसा मामले में NIA का बड़ा एक्शन
जानकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में हुई हिंसा और सात न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से घंटों तक बंधक बनाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA को जांच तेजी से पूरी करने का बड़ा आदेश दिया था। इसके बाद एजेंसी ने सख्त कार्रवाई करते हुए TMC से जुड़े सलाउद्दीन शेख और यूसुफ शेख को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी में सामने आया कि इस मामले में भीड़ ने न्यायिक अधिकारियों को लगभग 9 घंटे तक रोके रखा था, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच एजेंसी से डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।
नगर निगम भर्ती घोटाले में ED की कार्रवाई
इधर, नगर निगम भर्ती घोटाले में ED ने पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि साल 2014 से 2018 के बीच दक्षिण दमदम नगर निगम में लगभग 150 लोगों की अवैध रूप से भर्ती कराई गई। आरोपों के अनुसार नौकरी दिलाने के बदले पैसे और फ्लैट लिए गए।
जानकारी के अनुसार, सुजीत बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सोमवार सुबह ED कार्यालय पहुंचे थे, जहां तकरीबन 10 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ED पहले भी उन्हें कई बार नोटिस भेज चुकी थी। बता दे, इस मामले में ED के अलावा CBI भी जांच कर सकती है, क्योंकि कोलकाता हाई कोर्ट पहले ही FIR दर्ज करने का आदेश दे चुका है।
शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ की हत्या की जांच CBI को
एक अन्य बड़े घटनाक्रम में BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी और उनके PA चंद्रनाथ की हत्या मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है। राज्य सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के बाद माना जा रहा है कि मामले में कुछ गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिसके कारण केंद्रीय एजेंसी की जरूरत महसूस हुई।
इस मामले में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
हुगली में TMC कार्यालय के ऊपर से हथियार बरामद
इसी बीच हुगली जिले में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान एक TMC कार्यालय के ऊपर से तलवार, लोहे के हथियार, लाठी-डंडे सहित कई संदिग्ध सामान बरामद किए गए। जानकारी से पता चला है कि यह कार्यालय स्थानीय TMC नेता राजेश अली से जुड़ा हुआ है।
पुलिस फिलहाल मामले की जांच में तेजी से जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों का प्रयोग किस मकसद के लिए किया जाना था।
विपक्ष ने साधा ममता सरकार पर निशाना
इन सभी घटनाओं के बाद BJP और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में लंबे वक़्त से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब रही है और केंद्रीय एजेंसियों को पहले भी कई बार विरोध का सामना करना पड़ा।
BJP नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में ED, CBI और NIA की टीमों पर पहले हमले तक हो चुके हैं, लेकिन अब एजेंसियां खुलकर कार्रवाई कर रही हैं। वहीं TMC इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और जांच एजेंसियों की सक्रियता ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है। अब आगामी दिनों में NIA, ED और CBI की जांच से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं का प्रभाव राज्य की भविष्य की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।