धर्म, धोखा और धर्मांतरण! छांगुर बाबा जैसे ये 5 बाबा ने भी किया आस्था के नाम पर छल
Chhangur Like Fraud Baba: धर्मांतरण के आरोपों में गिरफ्तार छांगुर बाबा सुर्खियों में हैं। जानिए ऐसे 5 बाबाओं के बारे में, जिन्होंने आस्था के नाम पर लोगों के साथ छल और कपट किया।
Chhangur Like Fraud Baba
Chhangur Like 5 Baba: छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन इन दिनों सुर्खियों में है। छांगुर बाबा पर धर्मांतरण का आरोप है और वह फिलहाल यूपी एटीएस की कैद में है। एटीएस ने छांगुर बाबा पर धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप लगाया है और इसकी जांच कर रही है। छांगुर बाबा ने धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह किया। हालांकि, ऐसे कई और नाम भी हैं, जो खुद को धर्मगुरु बताते थे, लेकिन उनका असली काम भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर गलत काम करना होता था। आइये आज ऐसे ही पांच बाबाओं के बारे में जानते हैं, जिन्होंने आस्था ने नाम पर भक्तों के साथ छल और कपट किया।
इन बाबाओं ने भक्ति की आड़ में किया छल
1. आसाराम बापू: कभी लाखों अनुयायियों के गुरु माने जाने वाले आसाराम बापू को साल 2018 में नाबालिग से रेप के मामले में जोधपुर की POCSO कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी थी। इसके बाद 2023 में सूरत की एक महिला अनुयायी से दुष्कर्म के मामले में गुजरात की अदालत ने भी उन्हें ताउम्र जेल की सजा सुनाई। आसाराम के पास करोड़ों की संपत्ति और बड़ी संख्या में भक्त हैं, जो अक्सर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का विरोध करते हैं।
2. गुरमीत राम रहीम सिंह: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों में लंबी जेल की सजा दी गई है। उनके ऊपर भी धोखाधड़ी, भक्तों का शोषण और संपत्ति के गलत इस्तेमाल जैसे आरोप लगे। छांगुर बाबा की तरह ही, राम रहीम के भक्त भी अंधभक्ति में हर आरोप को नकारते रहे।
3. राधे मां: सुखविंदर कौर, जिन्हें लोग राधे मां के नाम से जानते हैं, उन पर एक महिला के खिलाफ ससुराल वालों को भड़काने और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगे। विवादों के बीच भी उनके अनुयायियों का विश्वास बना रहा और हर बार वे खुलकर उनका समर्थन करते नजर आए।
4. निर्मल बाबा: निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा ने टीवी पर अपने 'दरबार' के जरिए खूब शोहरत पाई। वह लोगों की समस्याओं का समाधान बताने के लिए मशहूर हुए, लेकिन बाद में उन पर धोखाधड़ी और ठगी के आरोप लगे। उनकी भव्य जीवनशैली और फीस वसूली को लेकर भी जमकर आलोचना हुई।
5. संत रामपाल: रामपाल अपने अनुयायियों के साथ एक बार पुलिस से हिंसक टकराव में शामिल हुए थे। उन पर हत्या, उकसाने और महिलाओं से अनुचित संबंधों जैसे आरोप लगे हैं।
भक्ति और अंधविश्वास का फर्क करना जरूरी
धर्म के नाम पर श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले ढोंगी बाबाओं की लिस्ट काफी है। छांगुर बाबा हो या आसाराम, एक के बाद एक सामने आए ये मामले बताते हैं कि कैसे आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह किया जाता है। ये घटनाएं कहीं न कहीं समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि भक्ति और अंधभक्ति के बीच फर्क समझना कितना जरूरी है।