सबसे बड़ी 'खामी' ही बनी महाशक्ति! भारत की बढ़ती आबादी अब विकास का इंजन, ऐसे बनेगा 'विकसित भारत'
India Growing Economy: भारत की बढ़ती आबादी, युवा शक्ति, डिजिटल अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है।
India Growing Economy: भारत की आबादी अब 146 करोड़ से ज्यादा हो गई है। इतनी बड़ी आबादी के साथ किसी भी विकासशील देश के लिए ‘विकसित राष्ट्र’ बनना आसान नहीं होता। लेकिन भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय कर लिया है। इसका मतलब है कि जब देश अपना 100वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा, तब तक भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह विकसित होना चाहिए। बड़ी आबादी चुनौती भी है और अवसर भी। इसी बड़ी आबादी के कारण घरेलू मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय बाजार की ताकत ने दुनियाभर के देशों का ध्यान खींचा है। इसके अलावा डिजिटल अर्थव्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश और स्टार्टअप्स ने भी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी ने भारत की अर्थव्यवस्था को तेज़ी दी
देश में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे सड़क, बंदरगाह, एयरपोर्ट और डिजिटल नेटवर्क की तेजी ने ग्रोथ को और बढ़ाया है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और डायरेक्ट कैश ट्रांसफर ने सबसे निचले तबके की आय भी बढ़ाई है। टेक्नोलॉजी आज भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा इंजन बन चुकी है। डिजिटल पेमेंट्स, ई-कॉमर्स, फिनटेक, AI और स्टार्टअप्स के माध्यम से भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। गाँव का दुकानदार भी UPI का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि शहर का युवा क्रिप्टो और ऑनलाइन निवेश के जरिए अपनी आय बढ़ा रहा है।
मेक इन इंडिया पहल
‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी तेजी आई है। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स और डिफेंस इक्विपमेंट का उत्पादन बढ़ा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और निर्यात भी मजबूत हुआ है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।हालांकि चुनौतियां भी हैं। महंगाई, बेरोजगारी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की कमी कुछ रोड़े हैं। छोटे व्यवसायों के लिए आसान लोन और स्किल ट्रेनिंग जरूरी है।
भारत की तेज़ी से बढ़ती आर्थिक ताकत
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। 65% से ज्यादा लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। यह युवा पीढ़ी सीख रही है, मेहनत कर रही है और डिजिटल दुनिया को अपनाकर नए अवसर बना रही है। स्टार्टअप्स के बढ़ते चलन से यह स्पष्ट होता है कि युवा जोखिम लेने से नहीं डरते और नई सफलताएं बना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत की ग्रोथ पर भरोसा जताया है। Moody’s के अनुसार, भारत अगले दो सालों में लगभग 6.5% की दर से बढ़ सकता है और G-20 में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रह सकता है। Fitch, S&P और R&I जैसी एजेंसियों ने भी भारत की आर्थिक मजबूती और स्थिरता की पुष्टि की है।