TMC Reshuffle: ममता बनर्जी ने किया संगठन में बड़ा बदलाव, सायोनी घोष को मिला झटका, टीएमसी में हलचल

TMC Reshuffle: बंगाल में चुनाव के बाद टीएमसी में बड़ा संकट गहरा गया है। ममता बनर्जी ने संगठन में बदलाव करते हुए सायोनी घोष को युवा मोर्चे से हटा दिया है।

Update:2026-06-14 14:44 IST

TMC Reshuffle

TMC Reshuffle: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बड़ा राजनीतिक संकट गहराता दिख रहा है। पार्टी में अंदरूनी कलह और बगावत की खबरों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े बदलाव कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने युवा मोर्चा और महिला मोर्चा दोनों में अहम फेरबदल किए हैं।

सायोनी घोष से छीनी गई युवा मोर्चे की कमान

पार्टी नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाते हुए जादवपुर से सांसद सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) को युवा मोर्चे के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह अर्णब बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सायोनी घोष को मात्र एक सप्ताह पहले ही इस पद पर नियुक्त किया गया था। चुनाव प्रचार के दौरान उनके कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पहले से ही असंतोष की चर्चा थी। सूत्रों के अनुसार, सायोनी घोष अब पार्टी के भीतर बागी गुट के साथ जुड़ती नजर आ रही हैं, जिससे संगठनात्मक तनाव और बढ़ गया है।

महिला मोर्चे में भी बड़ा बदलाव

सिर्फ युवा मोर्चा ही नहीं, बल्कि महिला मोर्चे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय को हटाकर अब नाडिया जिले की कालीगंज सीट से विधायक आलिफा अहमद को महिला मोर्चे की कमान दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह कदम संगठन में नई ऊर्जा लाने और असंतोष को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

बागी गुट के सक्रिय होने की खबरें

पार्टी के भीतर असंतोष अब खुले तौर पर सामने आने लगा है। बताया जा रहा है कि सायोनी घोष और माला रॉय जैसे कई नेता बागी गुट के संपर्क में हैं। चर्चा यह भी है कि TMC के कुछ सांसद आगामी दिनों में लोकसभा स्पीकर से मिलकर अपने गुट को “वास्तविक टीएमसी” के रूप में मान्यता देने का दावा पेश कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सांसद संदीप बंधोपाध्याय भी इस बागी समूह का हिस्सा बन चुके हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से करीब 20 सांसद इस गुट के साथ जुड़ सकते हैं।

एनडीए समर्थन और राजनीतिक हलचल

बागी गुट से जुड़े कुछ सांसदों ने संकेत दिए हैं कि यदि उन्हें आधिकारिक मान्यता मिलती है तो वे संसद में भाजपा नीत एनडीए सरकार को समर्थन दे सकते हैं। इससे राष्ट्रीय राजनीति में भी नई हलचल पैदा होने की संभावना है।

ममता बनर्जी का संगठनात्मक पुनर्गठन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ममता बनर्जी ने 5 जून को पहले ही संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव किए थे। उन्होंने सभी पुरानी समितियों को भंग कर नया ढांचा तैयार किया था। हालांकि, पार्टी में असंतोष लगातार बढ़ता गया। इसके बावजूद, अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। वहीं, कुणाल घोष को उत्तर कोलकाता संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विलय की अफवाहों पर पार्टी का जवाब

इस बीच टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलें भी सामने आईं, जिन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह खबर पूरी तरह निराधार और फर्जी है।

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