Amethi News: अमेठी में नाबालिग को भगाने के दोषी को 7 साल की सजा, पुलिस की प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने

Amethi News: अमेठी में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के दोषी को सुल्तानपुर कोर्ट ने 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अमेठी पुलिस की प्रभावी पैरवी और ऑपरेशन कन्विक्शन का दिखा असर।

Update:2026-06-03 21:21 IST

Amethi News: अमेठी पुलिस की प्रभावी पैरवी और ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत की गई लगातार मॉनिटरिंग का असर एक बार फिर देखने को मिला है। सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2022 में जगदीशपुर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने 10 सितंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के रहने वाले जिग्नेश पुत्र जगत पासी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना जगदीशपुर में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार ने की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 20 नवंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत इस मुकदमे को चिन्हित किया गया था। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. के. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अभियोजन अधिकारी, न्यायालय पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।

मामले की सुनवाई के बाद एडीशनल सेशन जज (एएसजे-12) सुल्तानपुर ने आरोपी जिग्नेश को धारा 366 आईपीसी के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 363 आईपीसी के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धारा 376 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। हालांकि अपहरण और नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप सिद्ध होने पर उसे दोषी ठहराया गया।

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