Banda News: अवैध खनन के बड़े खेल का आरोप, किसानों के खेतों में दौड़ीं पोकलेन मशीनें

Bnada News : अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का हंगामा, खेतों में घुसी पोकलेन मशीनों से फसल और जमीन को नुकसान, NGT से कार्रवाई की मांग तेज

By :  Anwar Raza
Update:2026-05-18 14:43 IST

Banda News

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के साड़ी खादर खंड संख्या-1 में अवैध खनन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन माफिया तय सीमा से बाहर जाकर किसानों की निजी जमीनों में धड़ल्ले से मोरंग का खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पोकलेन मशीनों की मदद से खेतों का स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है और लाखों रुपये का अवैध खेल खुलेआम चल रहा है।

वहीं ये मामला सामने आने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है। ग्रामीणों और महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर खनन कार्य रुकवाया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। लोगों का आरोप है कि सुबह जिन मशीनों को रोका गया था, वही मशीनें कुछ देर बाद फिर खेतों में पहुंच गईं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्राम प्रधान ने NGT को भेजी शिकायत

ग्राम पंचायत साड़ी के प्रधान विनोद कुमार ने पूरे मामले की लिखित शिकायत राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT को भेजी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खनन क्षेत्र में सीमा स्तंभ तक नहीं लगाए गए हैं और तय सीमा से बाहर जाकर अवैध खनन किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की निजी भूमि और गांव के रास्तों का भी अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है। बिना अनुमति खेतों में भारी मशीनें उतार दी गईं, जिससे खेतों को नुकसान पहुंचा है और रास्तों की हालत भी खराब हो गई है।

महिलाओं और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया खनन

अवैध खनन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मशीनों को रुकवाया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि असलहों के दम पर खेतों में खनन कराया जा रहा है और विरोध करने वालों को दबाने की कोशिश की जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल प्रशासन और खनिज विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन का सिंडिकेट सक्रिय है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।

NGT और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की उड़ाई जा रही धज्जियां

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन के दौरान NGT और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। तय सीमा से बाहर खनन, बिना रॉयल्टी परिवहन और ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है।लोगों का कहना है कि अवैध खनन की वजह से सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

अब आर-पार की लड़ाई होगी”

ग्राम प्रधान विनोद कुमार ने पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने NGT से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेंगे। लोगों का कहना है कि अब यह आर-पार की लड़ाई बन चुकी है और गांव वाले पीछे हटने वाले नहीं हैं।

DM अमित आसेरी ने जांच के दिए निर्देश

मामले पर जिलाधिकारी Amit Aseri अमित आसेरी ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब पहले की जांचों में भी अनियमितताएं सामने आ चुकी थीं, तो आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन का खेल लगातार जारी है।

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