Bareilly News: पुलिस ने किया बच्चा चोर गैंग का पर्दाफाश, सरगना समेत तीन और गिरफ्तार
Bareilly News: पुलिस के अनुसार 24 मई 2026 को मनौना धाम में सफाई कर्मचारी रमन का डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ खेलते समय लापता हो गया था। बच्चे को बरामद कर लिया था।
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Bareilly News: मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ के अपहरण मामले में बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बच्चे को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फरार चल रहे तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल का 60 वर्षीय सरगना संजय कुमार विश्वास भी शामिल है। कार्रवाई एसपी साउथ अंशिका वर्मा के निर्देशन में थाना आंवला पुलिस ने की।
पुलिस के अनुसार 24 मई 2026 को मनौना धाम में सफाई कर्मचारी रमन का डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ खेलते समय लापता हो गया था। रमन ने थाना आंवला में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने तत्काल विशेष टीम गठित कर घटना के खुलासे के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान 27 मई को पुलिस मुठभेड़ में योगेश कन्नौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार किया गया था। दोनों की निशानदेही पर अपहृत बालक ऋषभ को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ में उत्तम वाजपेई का नाम सामने आया, जिसे 29 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
इसके बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को संजय कुमार विश्वास, केशवराम उर्फ मंजेश और सीता को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि संजय कुमार विश्वास गिरोह का मास्टरमाइंड है और पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का निवासी है, जबकि केशवराम लखीमपुर खीरी और सीता बदायूं की रहने वाली है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों और मंदिरों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने का काम करते थे। गिरोह को प्रत्येक बच्चे के बदले करीब 1.20 लाख रुपये मिलते थे। पुलिस के अनुसार सीता बच्चों को आगे बेचने की भूमिका निभाती थी। गिरोह के अन्य सदस्य भी पहले बच्चों की तस्करी में शामिल रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 137(2), 143(4) एवं 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मामले के सफल खुलासे में उपनिरीक्षक नरेन्द्र सिंह राघव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पूरी टीम को बधाई देते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।