Chandauli News: नौगढ़ में फाइलेरिया की जांच के लिए लगा कैंप, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
Chandauli News: जांच शिविर का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर फाइलेरिया के मामलों में आई कमी या बढ़ोत्तरी का आकलन करना है।
नौगढ़ में फाइलेरिया की जांच के लिए लगा कैंप (photo: social media )
Chandauli News: चंदौली जिले के नौगढ़ बाजार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) रोग की पहचान और रोकथाम के लिए एक विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगढ़ के तत्वावधान में 21 से 29 जून तक चलने वाले प्रीटास/नाइट ब्लड सर्वे का हिस्सा है। इस जांच शिविर का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर फाइलेरिया के मामलों में आई कमी या बढ़ोत्तरी का आकलन करना है।
देर रात तक चली जांच, लोगों ने दिखाया उत्साह
यह जांच शिविर देर रात 10 बजे शुरू हुआ और 12 बजे तक होगा। खबर लिखे जाने तक लगभग 10 लोगों की जांच की जा चुकी थी, और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि देर रात तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। शिविर शुरू होने से पहले, आशा बहुओं ने गांव-गांव घूमकर लोगों को इस जांच शिविर में आने और अपनी जांच कराने के लिए प्रेरित किया, ताकि फाइलेरिया रोग की समय रहते पहचान की जा सके।
फाइलेरिया रोगी मिलने पर मिलेगा मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच में कोई व्यक्ति फाइलेरिया से पीड़ित पाया जाता है, तो उसे तुरंत दवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दवा का नियमित सेवन 12 दिनों तक करना होगा, जिससे रोग को नियंत्रित किया जा सके। विभाग इस बात को लेकर गंभीर है कि जनपद में फाइलेरिया के प्रसार को रोका जा सके और प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
जांच टीम में शामिल रहे ये स्वास्थ्यकर्मी
इस महत्वपूर्ण जांच कार्य में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मॉनिटर केशरी नंदन पाण्डेय, बीसीपीएम जय प्रकाश, राज सुशील कौशल, एल.टी. नीरज कुमार, स्टाफ नर्स, अनिल काउंसलर और आशा कार्यकर्ता निर्मला व प्रमिला की टीम सक्रिय रूप से जुटी रही। इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस जांच शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य न केवल फाइलेरिया के नए मामलों की पहचान करना है, बल्कि समुदाय में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। देर रात तक चले इस शिविर में लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को बल मिला है। फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।