Etah News: राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक

Etah News: एटा में न्यायिक अधिकारियों ने 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर चर्चा की और अधिक से अधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण की कार्ययोजना बनाई।

Update:2026-08-13 21:31 IST

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक (Photo- Newstrack)

Etah News: आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के लिए बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा में न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायिक अधिकारियों को लंबित मामलों को चिन्हित कर लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के आदेश पर आगामी 12 सितंबर 2026, शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसी की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में दोपहर 1:30 बजे प्री-ट्रायल बैठक हुई।

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज कमालुद्दीन तथा अपर सिविल जज (सीडी)/प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण युगल चंद्र चौधरी की मौजूदगी में हुई। बैठक में समस्त न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर उनके शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर चर्चा की।

बैठक में न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जिनका आपसी सुलह-समझौते और विधिक प्रक्रिया के तहत लोक अदालत में निस्तारण संभव है। इसके साथ ही संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने और उन्हें समझौते के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, सिविल जज (सीडी) सुमिता, सिविल जज (सीडी) जलेसर विकास कुमार वर्मा, एसीजेएम सुरेखा, सुधा शर्मा, शुभी अग्रवाल, सत्यम सिंघल, आरती मौर्या, जाग्रती केसरवानी, गरिमा आर्या, मोहित कुमार समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के लिए समन्वय और प्रभावी पैरवी पर जोर दिया।

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