Gonda News: 37 साल पुरानी कोर्ट डिक्री के बावजूद जमीन पर कब्जा, विधवा ने एसडीएम से लगाई गुहार
Gonda News: गोंडा में 61 वर्षीय विधवा ने 37 साल पुराने कोर्ट डिक्री के बावजूद जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसडीएम से शिकायत कर कब्जा हटवाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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Gonda News: कर्नलगंज तहसील के पाण्डेयचौरा (कालिका सिंह पुरवा) निवासी 61 वर्षीय विधवा कमला देवी ने उपजिलाधिकारी कर्नलगंज नेहा मिश्रा को प्रार्थना पत्र देकर भूमि से अवैध कब्जा हटवाने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि मुंसिफ कोर्ट तरबगंज से 18 जनवरी 1988 को डिग्री मिलने के बावजूद दबंगों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है।कमला देवी पत्नी स्व. रामानुज सिंह ने बताया कि विवादित भूमि के मालिक उनके ससुर भवानी प्रसाद सिंह थे। मुंसिफ कोर्ट तरबगंज ने 18 जनवरी 1988 को भवानी प्रसाद के पक्ष में डिग्री पारित की थी। प्रार्थना पत्र के अनुसार, तभी से उनका परिवार उस भूमि पर काबिज-दाखिल चला आ रहा था। आरोप है कि गांव के ही सूबेदार सिंह व बेचन सिंह (पुत्रगण देवी सिंह) तथा राम सिंह, शिवम और बबलू (पुत्रगण सूबेदार सिंह) ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है।
बेटे को जान से मारने की धमकी का आरोप
पीड़िता ने प्रार्थना पत्र में कहा कि विरोध करने पर विपक्षियों ने लाठी-डंडों और हथियारों से धमकी दी। आरोप है कि विपक्षियों ने कहा, “तुम्हारा अकेला बेटा सुधीर है, अगर उसे और तुम्हें मार दिया तो सारी जमीन हमारी हो जाएगी।” पीड़िता के अनुसार, धमकी के कारण उनका बेटा सुधीर घर छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर है। उन्हें आशंका है कि विपक्षी उनके या उनके बेटे के साथ कोई गंभीर घटना कर सकते हैं या फर्जी मुकदमे में फंसा सकते हैं।प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि विपक्षियों का विवादित भूमि से कोई वैधानिक संबंध नहीं है और न ही वे सेजरा खानदान से संबंधित हैं। पीड़िता का कहना है कि उनके पास कोर्ट की डिग्री और आदेश की प्रति मौजूद है, जबकि विपक्षियों के पास कब्जे का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। आरोप है कि विपक्षी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उन पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
एसडीएम से कार्रवाई की मांग
कमला देवी ने एसडीएम कर्नलगंज से राजस्व और पुलिस टीम द्वारा मामले की जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाने, विपक्षियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।