Hapur: मोनाड विश्वविद्यालय पर ईडी की तीन दिन से रेड, फर्जी मार्कशीट घोटाले में करोड़ों का काला धन
Hapur News: हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में ईडी की लगातार तीसरे दिन छापामारी, फर्जी मार्कशीट घोटाले और काले धन की जांच जारी। चेयरमैन बिजेंद्र हुड्डा समेत विश्वविद्यालय कर्मचारियों पर भी नजर।
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Hapur News: हापुड़ जिले में स्थित मोनाड विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली से आई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने फर्जी मार्कशीट घोटाले से जुड़े काले धन की जांच के लिए विश्वविद्यालय पर तीसरे दिन भी छापामार कार्रवाई जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज़ मिले हैं जो करोड़ों के हेरफेर की ओर इशारा करते हैं।ईडी की टीम कस्तला कास्माबाद स्थित विश्वविद्यालय कैंपस में शुक्रवार रात भर मौजूद रही और शनिवार को भी जांच जारी रखी। वहीं, अर्जुन नगर, स्वर्ग आश्रम रोड और रेलवे रोड स्थित विश्वविद्यालय से जुड़े तीन कर्मचारियों के घरों से टीम महत्वपूर्ण कागजात जब्त कर वापस लौट चुकी है।
ईडी के निशाने पर चेयरमैन बिजेंद्र हुड्डा,काले धन का खेल उजागर होने की आशंका
जांच एजेंसी की निगाहें अब मोनाड विश्वविद्यालय के चेयरमैन बिजेंद्र हुड्डा पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी को शक है कि फर्जी मार्कशीट घोटाले से कमाया गया धन शेल कंपनियों और प्रॉपर्टी डीलिंग्स के जरिए सफेद किया गया।टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि घोटाले से जुड़े बैंक ट्रांजेक्शन, नकद निकासी और हवाला चैनल के जरिए यह रकम कहां-कहां पहुंचाई गई।हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन छापेमारी का यह तीसरा दिन यह साफ कर रहा है कि एजेंसी के हाथ भारी सुराग लगे हैं।
तीन दिन से बंद दरवाजों के पीछे चल रही है ईडी की गुप्त कार्रवाई
मोनाड विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में ईडी की टीम ने रिकॉर्ड रूम, प्रशासनिक कार्यालय और अकाउंट सेक्शन को सील कर रखा है। किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।विश्वविद्यालय के आस-पास पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई बाहरी व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर सके।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीती रात करीब दो बजे तक टीम ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा की जांच की। बताया जा रहा है कि कुछ हार्डड्राइव और पेनड्राइव भी कब्जे में ली गई हैं, जिनसे घोटाले की पूरी जड़ खुलने की उम्मीद है।
फर्जी मार्कशीट घोटाले की आंच अब राष्ट्रीय स्तर तक
मई माह में उजागर हुए फर्जी मार्कशीट घोटाले की गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। ईडी की जांच से यह शक और गहराता जा रहा है कि यह नेटवर्क देशभर के कई राज्यों तक फैला हो सकता है।इस घोटाले के जरिए छात्रों से मोटी रकम लेकर फर्जी डिग्रियां और मार्कशीटें जारी की जाती थीं। अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल किन-किन चैनलों के जरिए किया गया।
जिले में दहशत का माहौल, ईडी की कार्रवाई से हड़कंप
ईडी की लगातार मौजूदगी से विश्वविद्यालय प्रबंधन और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल है। किसी को भी जांच के दायरे से बाहर नहीं माना जा रहा।शहर में चर्चा है कि जल्द ही ईडी की ओर से कई बड़े खुलासे किए जा सकते हैं, जिनमें नामचीन लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।