Jhansi News: गढ़मऊ झील पर योगाभ्यास, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

Jhansi News: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर गढ़मऊ झील सहित विश्वविद्यालय परिसर में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने योग के जरिए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

Update:2026-06-20 18:16 IST

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Jhansi News: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर योग, स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन को समर्पित दो भव्य कार्यक्रमों का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं IQAC के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का पहला चरण गढ़मऊ झील पर आयोजित विशेष योग उत्सव के रूप में संपन्न हुआ, जिसका विषय “योग और जल तत्व: गहराई से जुड़ें, शांति और संतुलन को महसूस करें” रखा गया। प्राकृतिक सौंदर्य एवं शांत वातावरण से घिरी गढ़मऊ झील पर सुबह से ही प्रतिभागियों का उत्साह देखने को मिला। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र आयोजित किए गए।इस अवसर पर कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

गढ़मऊ झील जैसे प्राकृतिक वातावरण में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का अभिनव प्रयास है।IQAC निदेशक प्रो. एस. के. कबिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों के समग्र एवं बहुआयामी विकास पर विशेष बल देती है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता, नैतिक मूल्यों एवं जीवन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों एवं मानसिक संतुलन से जुड़े कार्यक्रमों को भी निरंतर बढ़ावा दे रहा है।

कार्यक्रम का दूसरा चरण विश्वविद्यालय के वी.सी. कमेटी हॉल में आयोजित “International Yoga Day 2026 – National Seminar” के रूप में संपन्न हुआ। “Yoga for Healthy Ageing” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में योग, मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं स्वस्थ वृद्धावस्था के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक प्राध्यापक, योग विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर ने अपने व्याख्यान में कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं बल्कि मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन स्थापित करने की प्रभावी प्रक्रिया है। संगोष्ठी में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय योग गुरु भगत सिंह (दिल्ली) ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की ऐसी धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है।

इस अवसर पर योग विशेषज्ञ डॉ. नीलम कुमारी, परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर सिंह, डॉ. उपेन्द्र सिंह तोमर, डॉ. राजीव बबेले, डॉ. रूपम सक्सेना, डॉ. सुरज पाल सिंह, डॉ. पूनम मल्होत्रा, अनिल बोहरे, डॉ अतुल खरे, हेमंत चंद्र, विनोद कुमार बौद्ध, सुश्री हितिका यादव, शशांक चंद्र, चंद्रभान प्रजापति, राजीव दुबे, अरशद अहमद, इसी के साथ विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचार डॉ रूपम सक्सेना के द्वारा किया गया।

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