Lakhimpur News: बैठक से गैरहाजिर 11 अफसरों पर डीएम सख्त, वेतन रोका

Lakhimpur News: लखीमपुर खीरी में जिला उद्योग बंधु की बैठक में गैरहाजिरी पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने 11 अधिकारियों का वेतन रोका, तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा।

Update:2026-04-30 17:49 IST

बैठक से गैरहाजिर 11 अफसरों पर डीएम सख्त, वेतन रोका (Photo- Newstrack)

Lakhimpur News: लखीमपुर खीरी: सरकारी बैठकों को हल्के में लेना जिले के 11 अधिकारियों को भारी पड़ गया। जिला अधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह ने ‘जिला उद्योग बंधु’ की अहम बैठक से गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। साथ ही सभी से तीन कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। डीएम की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी जिम्मेदारी को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

बैठक में खाली कुर्सियां देख डीएम नाराज

28 अप्रैल 2026 को जिला उद्योग बंधु, एमओयू कार्यान्वयन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। जब डीएम अंजनी कुमार सिंह सभागार पहुंचे, तो कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिलीं। इससे बैठक की गंभीरता प्रभावित हुई और उद्यमियों से जुड़े अहम मुद्दों पर प्रभावी चर्चा नहीं हो सकी।

डीएम ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदारी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कमजोर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन स्तर पर ऐसी बैठकों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इनमें अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

‘नो वर्क-नो पे’ के तहत कार्रवाई

डीएम ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अनुपस्थित अधिकारियों के कारण कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबित रह गए, जो अक्षम्य है। उन्होंने ‘नो वर्क-नो पे’ के सिद्धांत का हवाला देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी आदेश की प्रति भेजकर निर्देशित किया गया है कि अगले आदेश तक संबंधित तिथि का वेतन जारी न किया जाए।

डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करेंगे, तो आम जनता और उद्यमियों की समस्याओं का समाधान कैसे संभव होगा। उन्होंने भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही।

कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में डीसी-एनआरएलएम, राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, अधिशाषी अभियंता (विद्युत), वरिष्ठ निरीक्षक (विधिक बांट माप), सहायक निदेशक (विद्युत सुरक्षा), पर्यटन अधिकारी, आरसेटी प्रबंधक, उप संभागीय विपणन अधिकारी, डूडा परियोजना अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी शामिल हैं।

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