Lakhimpur News: लखीमपुर में आयुक्त ने परखी बाढ़ तैयारियां, बोले- संकट में एक मिनट भी न गंवाना पड़े

Lakhimpur News: आयुक्त ने लखीमपुर खीरी में बाढ़ तैयारियों की समीक्षा की और विभागवार जिम्मेदारियां व संसाधन जांचे। संकट में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

Update:2026-08-14 18:17 IST

Lakhimpur News(Photo-Social Media)

Lakhimpur News: नदियों के तेवर भले ही फिलहाल शांत हों, लेकिन संभाoवित बाढ़ और कटान को लेकर प्रशासन ने कमर कस रखी है। शुक्रवार को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कलेक्ट्रेट के अटल सभागार में बाढ़ से निपटने की तैयारियों की एक-एक कड़ी परखी। अफसरों से सिर्फ व्यवस्थाओं की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि आपदा के समय त्वरित मदद पहुंचाने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां और संसाधनों की उपलब्धता भी जांची। इसके बाद वह सीधे कटान प्रभावित ग्राम ग्रांट नंबर 12 पहुंचे और पैदल गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों से हालात का फीडबैक लिया। जनपद आगमन पर डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग और सीडीओ अभिषेक कुमार ने आयुक्त का स्वागत किया। समीक्षा बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों से परिचय और उनके दायित्व जानकर बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।

पलिया में NDRF, मैदान में PAC की फ्लड टीम

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में बाढ़ चौकियां, शरणालय, गोताखोर और राहत व्यवस्था तैयार है। NDRF की टीम पलिया में कैंप कर रही है, जबकि पीएसी की फ्लड टीम और पुलिस विभाग की चार मोटरबोट फील्ड में तैनात हैं। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर क्रियाशील है। फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। बाढ़ से संबंधित सभी प्रमुख टेंडर पूरे किए जा चुके हैं और स्वास्थ्य, पुलिस तथा पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियां पूरी की गई हैं।

12 परियोजनाएं पूरी, नदियों पर लगातार नजर*

अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अजय कुमार ने घाघरा, शारदा, मोहाना और सुहेली नदियों की स्थिति और जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बाढ़रोधी परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले को अति संवेदनशील से संवेदनशील श्रेणी में लाया गया है। इस वर्ष स्वीकृत 12 बाढ़रोधी परियोजनाएं शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं। प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और लगातार निगरानी की जा रही है।

बैठक में सुहेली नदी के पुनर्जीवन से जुड़ी लघु फिल्म दिखाई गई। जालिमनगर पुल के गाइड बांध स्थित मंदिर को प्रोटेक्शन वर्क के माध्यम से सुरक्षित किए जाने की जानकारी भी दी गई। बाढ़ खंड की ओर से जिले में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का प्रस्तुतीकरण करते हुए पलिया में शारदा नदी के बाएं किनारे के बैंक उच्चीकरण कार्य और ग्लास फाइबर रिनफोर्समेंट से निर्मित प्लेट के जरिए नदी के प्रवाह को मोड़ने से संबंधित नवाचार की जानकारी दी गई।

कमिश्नर बोले-‘प्लान ऐसा हो, संकट में एक मिनट भी न गंवाना पड़े’

आयुक्त विजय विश्वास पंत ने निर्देश दिए कि खाद्यान्न किट की आपूर्ति क्षमता का आकलन कर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित रखा जाए। बाढ़ चौकियों की क्रियाशीलता जांचने, एंटी वेनम की उपलब्धता बनाए रखने और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को पहले से चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर संभावित प्रभावित तहसील का अलग और स्पष्ट प्लान तैयार रहे। हर विभाग की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारी पहले से तय हों, ताकि आपदा की घड़ी में राहत पहुंचाने में समय न लगे। उन्होंने तैयारियों को लगातार परखते रहने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने पर जोर दिया।

ग्रंट नंबर 12 में पैदल पहुंचे, ग्रामीणों से सीधे संवाद

समीक्षा के बाद आयुक्त का काफिला निघासन तहसील के कटान प्रभावित गांव ग्रंट नंबर 12 पहुंचा। कटान से क्षतिग्रस्त गांव जाने वाली सड़क का उन्होंने निरीक्षण किया। इसके बाद दूसरे मार्ग से गांव पहुंचकर आयुक्त ने पैदल भ्रमण किया और कटान से हुए नुकसान व मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और फीडबैक जाना। मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और राहत कार्यों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की घड़ी में सरकार और शासन पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटान प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, सीडीओ अभिषेक कुमार, एसडीएम यदुवीर सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Tags:    

Similar News