LU Paper Leak Case: आशिक मिज़ाज प्रोफेसर पर एजेंसिया कसेंगी शिकंजा, शुरू हुई अन्य छात्राओं से कनेक्शन की जांच, खंगाले जा रहे सबूत

LU Paper Leak Case: मामले में शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी प्रोफेसर की पूरी गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।

Update:2026-05-18 16:22 IST

LU Paper Leak Case

LU Paper Leak Case: राजधानी की लखनऊ यूनिवर्सिटी के आशिक मिजाज असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ परमजीत सिंह और एक छात्रा के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मामले में शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी प्रोफेसर की पूरी गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट, लैपटॉप डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।

शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपी प्रोफेसर दूसरी छात्राओं के भी संपर्क में था। जिसके बाद अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह इसी तरह अन्य छात्राओं को भी पेपर लीक कराने और मदद का लालच देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था।

वायरल ऑडियो से खुला पूरा मामला

दरअसल यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें ये दावा किया गया कि, यह बातचीत प्रोफेसर परमजीत सिंह और विश्वविद्यालय की एक छात्रा के बीच की है।

इस वायरल ऑडियो में प्रोफेसर छात्रा को “डार्लिंग” कहकर संबोधित करता सुनाई देता है। बातचीत में वह कथित तौर पर परीक्षा के पेपर आउट कराने की बात भी करता है और छात्रा पर मिलने का दबाव बनाता नजर आता है। बदले में हर तरह की मदद और सपोर्ट देने की बात भी कही जाती है।

इस वायरल ऑडियो में प्रोफेसर यह कहते हुए सुनाई देता है कि “मैंने दोनों पेपर आउट कर लिए हैं तुम्हारे लिए।” इसके बाद वह छात्रा से मिलने के लिए लगातार दबाव बनाता है। दूसरी तरफ छात्रा कई बार असहज दिखाई देती है और घर की परिस्थितियों का हवाला देते हुए मिलने में असमर्थता जताती है। इसके बावजूद आरोपी कथित तौर पर लगातार उसे बुलाने की कोशिश करता रहता है।

हरकत में आया विश्वविद्यालय प्रशासन

वहीं इस ऑडियो के वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस मामले को गंभीर मानते हुए विश्वविद्यालय की ओर से आंतरिक जांच समिति गठित की गई और जांच शुरू हो गई।

इसके पहले इसको लेकर परीक्षा नियंत्रक की तरफ से पुलिस को लिखित तहरीर दी गई। जिसमें ये आरोप लगाया गया था कि, विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह ने छात्रा से अश्लील बातचीत की, अनुचित लाभ का लालच दिया और परीक्षा प्रश्नपत्र आउट कराने जैसी गंभीर बात कही।

यह मामला सामने आने के बाद हजरतगंज पुलिस थाने में पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया और आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

मोबाइल, लैपटॉप और चैट रिकॉर्ड की हो रही जांच

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी प्रोफेसर का मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा गया है। कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी मिली है कि आरोपी कई छात्राओं के संपर्क में था। जिसके बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह लंबे समय से इसी तरीके से छात्राओं को अपने झांसे में लेने की की कोशिश कर रहा था।

दरअसल पुलिस को यह संदेह है कि आरोपी एक्स्ट्रा क्लास, फाइनेंशियल हेल्प और पेपर आउट कराने जैसी बातों का इस्तेमाल कर छात्राओं को करीब लाने की कोशिश करता था। फिलहाल हसनगंज पुलिस और साइबर सेल मिलकर डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं। जिसके तहत आरोपी की व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, ईमेल और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

दूसरी छात्राओं तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस

वहीं इस मामले में अब पुलिस उन छात्राओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिनसे आरोपी के संपर्क होने की बात सामने आई है। इसको लेकर अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई छात्रा आगे आकर शिकायत दर्ज कराती है तो उसके आरोपों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक कुछ छात्राएं फिलहाल खुलकर सामने आने से बच रही हैं। परिवार और सामाजिक दबाव के कारण कई छात्राएं औपचारिक शिकायत करने में हिचकिचा रही हैं। हालांकि पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पीड़ित छात्रा की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

“पेपर आउट” के दावे की भी अलग से जांच

वहीं इस इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल परीक्षा की गोपनीयता को लेकर उठ रहा है। वायरल ऑडियो में आरोपी प्रोफेसर द्वारा “पेपर आउट” कराने का दावा किया गया है। जिसके बाद अब पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पहलू की भी अलग से जांच कर रहे हैं। यहां यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी वास्तव में परीक्षा के पेपर तक पहुंच रखता था या फिर छात्रा को प्रभावित करने के लिए झूठे दावे कर रहा था।

वायरल ऑडियो में क्या-क्या बातचीत हुई

दरअसल इस वायरल ऑडियो में छात्रा प्रोफेसर से “जी सर” कहकर बात शुरू करती है। इसके बाद प्रोफेसर उससे उसकी मां का हाल पूछता है और कहता है कि अगर पीजीआई में किसी तरह की मदद चाहिए तो वह हर तरह से मदद करेगा।

इसके बाद वह छात्रा से मिलने के लिए कहता है और दावा करता है कि उसने “दोनों पेपर आउट” कर लिए हैं। छात्रा घर की परेशानी और परीक्षा का हवाला देकर मिलने में असमर्थता जताती है, लेकिन प्रोफेसर लगातार मिलने के लिए दबाव बनाता रहता है।

बातचीत के दौरान प्रोफेसर यह भी कहता है कि “पूरा पेपर मेरे पास है” और “एग्जाम से पहले आ जाओ।” छात्रा बार-बार घर की परिस्थितियों का हवाला देती रहती है, जबकि प्रोफेसर कथित तौर पर सात दिन के भीतर मिलने के लिए कहता है।

अब फिलहाल इस वायरल ऑडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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