Mayawati on UP Politics: 'यूपी में असुरक्षित हैं ब्राह्मण', योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मायावती ने साधा निशाना

Mayawati on Brahmins: बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को 'राजनीतिक जुगाड़' बताते हुए निशाना साधा है। उन्होंने लखनऊ की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए यूपी में ब्राह्मणों की सुरक्षा पर चिंता जताई और सरकार को 'सर्व समाज' के हित में काम करने की नसीहत दी।

By :  Shivam
Update:2026-05-11 19:45 IST

Mayawati on Brahmins: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा किए गए मंत्रिमंडल विस्तार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए बसपा सुप्रीमो ने सरकार को सचेत किया कि इस विस्तार का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यह फेरबदल 'सर्व समाज' के हित में बदलाव लाने में विफल रहता है, तो जनता इसे केवल एक 'राजनीतिक जुगाड़' और सरकारी संसाधनों पर बढ़ा हुआ अतिरिक्त 'बोझ' ही समझेगी।

मायावती ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या घटाना या बढ़ाना भले ही किसी दल का आंतरिक मामला हो, लेकिन इसका अंतिम उद्देश्य आमजन, विशेषकर गरीबों, मजदूरों, किसानों और युवाओं के जीवन में सुधार लाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी समाज के कमजोर तबकों के जान-माल और मजहब की रक्षा करना है। मायावती के अनुसार, मंत्रियों की नियुक्ति का औचित्य तभी सिद्ध होता है जब सरकारी कार्यप्रणाली में न्याय और सुरक्षा का प्रभाव धरातल पर दिखाई दे।

कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा पर चिंता जताई

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मायावती ने लखनऊ में भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े एक स्थानीय नेता की हत्या का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य में ब्राह्मण समाज के बीच असुरक्षा और उपेक्षा की भावना को जन्म दिया है। अपनी सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए बसपा प्रमुख ने दावा किया कि 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति के तहत उनके शासन में ब्राह्मणों सहित सभी वर्गों को पूर्ण सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया गया था। उन्होंने वर्तमान सरकार को नसीहत दी कि कानून का राज केवल विज्ञापनों में नहीं बल्कि वास्तविकता में दिखना चाहिए।

योगी मंत्रिमंडल का स्वरूप और नए चेहरों की एंट्री

गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया। राजभवन के बजाय 'जन भवन' में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छह नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में राजनीतिक समीकरणों को साधने की स्पष्ट झलक दिखी, जहाँ समाजवादी पार्टी से पाला बदलने वाले विधायक मनोज पांडेय और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इनके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को पदोन्नत कर स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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