Meerut News: कांवड़ यात्रा खत्म होते ही मेरठ में ‘ऑपरेशन क्लीन’, सफाईकर्मियों ने संभाला मोर्चा
Meerut News: कांवड़ यात्रा खत्म होते ही मेरठ में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू किया गया। नगर निगम, बीवीजी और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की टीमों ने प्रमुख मार्गों से कचरा हटाने के साथ नालियों की सफाई तेज की।
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Meerut News: कांवड़ यात्रा खत्म हुई तो सड़कों पर जमा कचरे से निपटने के लिए मेरठ के ‘स्वच्छता योद्धाओं’ ने मोर्चा संभाल लिया। लाखों शिवभक्तों की भीड़, जगह-जगह लगे सेवा शिविर और उनके समापन के बाद सड़कों पर बिखरी बोतलें, डिस्पोजेबल और खाद्य पदार्थों के रैपर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थे। नगर निगम, बीवीजी और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की टीमों ने अभियान चलाकर कई प्रमुख मार्गों की तस्वीर कुछ ही घंटों में बदल दी।कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को लेकर लगातार सक्रिय रहे सफाई कर्मचारियों ने यात्रा समाप्त होते ही सफाई अभियान को और तेज कर दिया। गढ़ रोड और हापुड़ रोड समेत प्रमुख मार्गों पर जमा कचरा हटाया गया। नालियों के जाम होने की आशंका वाले स्थानों को भी चिह्नित कर प्राथमिकता से सफाई कराई जा रही है।
‘शिविर लगाने वालों की भी जिम्मेदारी’
एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि कांवड़ सेवा शिविरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति दी गई थी और उनकी सफाई की जिम्मेदारी आयोजकों की थी। इसके बावजूद जहां कहीं कचरा रह गया है, वहां जिला पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी और नगर निगम के अधिकारियों के समन्वय से सफाई कराई जा रही है।नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के मुताबिक नगर निगम और बीवीजी की टीमें लगातार विशेष अभियान में लगी हैं। उनका फोकस सिर्फ सड़क से कचरा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नालियों और ऐसे स्थानों पर भी है जहां कचरे के कारण जलनिकासी प्रभावित हो सकती है।
20 दिन घर से दूर, सड़क पर ड्यूटी
कांवड़ यात्रा के दौरान ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भी लंबी ड्यूटी निभाई। खरखौदा में कांवड़ सेवा शिविर के समापन पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कर्मचारियों ने करीब दो सप्ताह तक मेरठ-हापुड़ मार्ग पर लगातार सेवाएं दीं।बिजौली से हापुड़ सीमा पर धीरखेड़ा तक सफाई व्यवस्था संभालने के साथ पेड़ों की टहनियां काटने, निराश्रित गोवंश को पकड़ने और कांवड़ सेवा शिविरों की सफाई का जिम्मा भी इन्हीं कर्मचारियों के कंधों पर रहा।
झाड़ू लगाने वालों का भी हुआ सम्मान
ब्लॉक प्रमुख अतुल त्यागी ने संजय कुमार, राजकुमार, करण पुरी, संदीप कुमार, मनोहर लाल और बबलू समेत अन्य ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। कुछ शिवभक्तों को भी सम्मानित किया गया।कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर चर्चा में रहने वाली पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीमों के बीच इस बार सफाईकर्मियों की मेहनत भी खास तौर पर सामने आई। कई दिनों तक परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों ने आस्था के इस सबसे बड़े आयोजनों में से एक को स्वच्छ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। अब यात्रा खत्म होने के बाद भी उनकी ड्यूटी खत्म नहीं हुई—सड़कों को फिर से पूरी तरह सामान्य और साफ करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है।