Meerut : करोड़ों कांवड़ियों की भीड़ के बीच मेरठ रेंज पुलिस का शानदार टीमवर्क, व्यवस्था रही दुरुस्त

Meerut Kanwar Yatra 2026: : करोड़ों कांवड़ियों की भीड़ के बीच मेरठ रेंज पुलिस ने बेहतर टीमवर्क, तकनीक और ट्रैफिक मैनेजमेंट से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण कराई।

Update:2026-08-11 20:47 IST

Meerut Kanwar Yatra 2026

Meerut News: करोड़ों शिवभक्तों की भीड़, सैकड़ों किलोमीटर लंबा कांवड़ मार्ग और दिन-रात चुनौतीपूर्ण ड्यूटी...। इसके बावजूद श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मेरठ रेंज पुलिस की रणनीति और टीमवर्क कामयाब रहा। यात्रा संपन्न होने के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों की पीठ थपथपाई और उनके प्रयासों को सराहा।

डीआईजी ने कहा कि मेरठ के बाबा औघड़नाथ मंदिर, बागपत के पुरा महादेव मंदिर, बुलंदशहर के अंबकेश्वर महादेव मंदिर तथा हापुड़ के ब्रजघाट और सबली मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने इसे बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ पूरा किया।

अकेली पुलिस नहीं, पूरी टीम ने संभाला मोर्चा'

नैथानी ने पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस पूरे आयोजन में सिविल पुलिस के साथ सशस्त्र पुलिस, पीएसी, सीएपीएफ, एटीएस, एसटीएफ, एलआईयू, कांवड़ सेल, होमगार्ड, पीआरडी, ग्राम प्रहरी, घुड़सवार पुलिस, जल पुलिस, फायर सर्विस, यातायात पुलिस, वायरलेस विभाग और बाढ़ राहत कंपनी समेत तमाम इकाइयों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया और समाज के संभ्रांत लोगों के सहयोग के लिए भी आभार जताया। डीआईजी के मुताबिक, इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सभी का सामूहिक योगदान रहा।

30 कंट्रोल रूम, ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर पैनी नजर

इस बार कांवड़ यात्रा में तकनीक का भी जमकर इस्तेमाल हुआ। मेरठ रेंज में 30 वायरलेस कंट्रोल रूम और 30 सीसीटीवी कंट्रोल रूम सक्रिय रहे। आईपी कैमरों और ड्रोन के जरिये भीड़ और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी गई।

सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और मैट्रिक्स का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का दावा है कि इसी निगरानी व्यवस्था के कारण अफवाह और अराजकता फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश रहा।

एक्सप्रेसवे बने ट्रैफिक मैनेजमेंट का नया हथियार

कांवड़ यात्रा के दौरान पहली बार आम लोगों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का सफल संचालन और इस्तेमाल भी चर्चा में रहा। वहीं, एनएच-58 पर डीजे कंपटीशन को रोकने का फैसला भीड़ और यातायात नियंत्रण की रणनीति का अहम हिस्सा रहा। इससे सड़क पर अव्यवस्था और हुड़दंग को नियंत्रित करने में मदद मिली।

रात में भी अफसर सड़कों पर, पड़ोसी राज्यों से भी बेहतर तालमेल

कांवड़ यात्रा के दौरान रात के समय विशेष सतर्कता बरती गई। वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर भ्रमण करते रहे और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की। मेरठ रेंज पुलिस ने मुरादाबाद, गढ़वाल, सहारनपुर और करनाल रेंज के साथ-साथ गाजियाबाद और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ भी समन्वय बनाए रखा।डीआईजी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले इस विशाल आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके समर्पण और बेहतर ड्यूटी के लिए बधाई दी।

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