Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या के लिए भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, आज रात 8 बजे से शुरू होगा शाही स्नान

Mahakumbh 2025: कल मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान करने के लिए भारी संख्या में प्रयागराज पहुंचे हुए हैं।;

Newstrack :  Newstrack - Network
Update:2025-01-28 09:34 IST

Mahakumbh 2025

Mahakumbh 2025: महाकुम्भ में कल मौनी अमावस्या पर शाही स्नान करने के लिए लोग दूर दूर से आ रहे है। मौनी अमावस्या का स्नान काफी शुभ माना जाता है इसीलिए लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए अभी से पहुँच रहे हैं। संगम में इस समय भक्तों की इतनी ज्यादा भीड़ हो गई है कि प्रशासन की तरफ से उनकी सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किये जा रहे हैं। प्रयागराज समेत आसपास के 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से नजर रखी जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि मोनी अमावस्या का शाही स्नान आज रात आठ बजे से ही शुरू हो जायेगा जो अगले दिन पूरा दिनभर चलेगा। 

अखाड़ा मार्ग हुआ सील

श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अखाड़ा मार्ग को सील कर दिया है। इसके अलावा विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है ताकि यातायात बाधित न हो। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, और पार्किंग के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं। संगम क्षेत्र तक पहुंचने के निजी वाहनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक वाहन को ही सरकार में प्राथमिकता पर रखा है। 


संगम पर भक्ति का सैलाब

मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने पवित्र डुबकी लगाते हुए पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। साधु-संतों के अखाड़ों ने भी संगम में स्नान कर परंपरा निभाई। मेला क्षेत्र में स्नान के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कथा, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। विभिन्न धर्मशालाओं और संगठनों ने भक्तों के लिए भोजन और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन प्रबंधन

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में मेडिकल कैम्प लगाए गए हैं। डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस सेवाएं किसी भी आपात स्थिति के लिए सक्रिय हैं।मौनी अमावस्या पर संगम स्नान श्रद्धालुओं के लिए पवित्रता और आत्मिक शांति का प्रतीक है। प्रशासन और श्रद्धालुओं के सामूहिक प्रयासों से यह पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो रहा है।

Tags:    

Similar News